बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

किसान ने अपने खेत में जोताई करने के लिए दूसरे के खेत में ट्रैक्टर चला दिया। उसके पहिए से मेड़ दबने पर पूरा पानी खेत से बह गया। इस बात पर दोनों पक्षों के बीच आपस में भिड़ गए। कुल्हाड़ी से किए हमले में चार घायल हो गए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

मामला तखतपुर क्षेत्र के जूनापारा चौकी के ग्राम खटोलिया का है। यहां रहने वाला अश्वनी कश्यप पिता गनपत कश्यप(52) किसान हैं। खेती के लिए उन्होंने ट्रैक्टर लिया है, जिसे उनका बेटा विजय चलाता है। शनिवार को वह खेत की जोताई करने गया था। वह ट्रैक्टर को विष्णु कश्यप के खेत से ले गया। ट्रैक्टर के पहिए में दबकर खेत का मेड़ टूट गया और पानी बह गया। बाद में विष्णु को खेत में ट्रैक्टर चलाने व पानी बहने की जानकारी हुई। इससे नाराज विष्णु ने विजय की जमकर पिटाई कर दी। इसके चलते विजय वहां से ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया। रविवार की सुबह करीब सात बजे विजय उसके पिता अश्वनी, योगेश उर्फ गोलू व सुनील ट्रैक्टर लेने खेत पहुंचे। वहां पहले से विष्णु कश्यप उसका बेटा बलराम, बहू लल्ली व पोता राजू खेत में काम कर रहे थे। विजय, अश्वनी को देखकर विष्णु ने गाली-गलौज शुरू कर दी। खेत का पानी खाली होने की बात पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते बलराम ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इससे विजय, अश्वनी, योगेश व सुनील घायल हो गए। उन्होंने भी दूसरे पक्ष के साथ मारपीट की। घटना की जानकारी जूनापारा चौकी में दी गई। पुलिस के गांव पहुंचने से पहले ही एक पक्ष के घायलों को तखतपुर भेज दिया गया था, जहां उनकी हालत को देखकर सिम्स भेज दिया गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

दो की हालत गंभीर

हमले में घायल योगेश व सुनील सिम्स में भर्ती हैं। उनके सिर में गंभीर चोटे आई है। दोनों बात करने की स्थिति में नहीं है। डॉक्टरों ने घायलों का सीटी स्केन कराने की सलाह दी है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं अश्वनी और विजय की हालत सामान्य है।

पुलिस रहती सक्रिय, तब नहीं आती नौबत

शनिवार को हुए विवाद व मारपीट के बाद विजय कश्यप इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने जूनापारा चौकी गया। लेकिन, उससे शिकायत आवेदन लेकर पुलिस ने चलता कर दिया। यहां तक पुलिस मौका मुआयना करने तक नहीं पहुंची। पुलिस शनिवार को ही गांव पहुंचकर इस विवाद को शांत करा देती तो रविवार की सुबह खूनी संघर्ष होने की स्थिति ही नहीं बनती। पुलिस की इस उदासीन रवैए के चलते ही जानलेवा हमला कर दिया गया।