बिलासपुर। सीपत एनटीपीसी प्लांट के राखड़ डेम से पानी का रिसाव हो रहा है और पानी किसानों के खेत में भर गया है। इससे खेती करने में परेशानी हो रही है। किसानी अपने खेतों में फसल नहीं लगा पा रहे हैं। ऐेसे में किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। पीड़ित किसानों ने सीपत तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर एनटीपीसी प्रबंधन से मुआवजा दिलवाने की मांग की है।

एनटीपीसी सीपत राखड़ बांध में रिसाव के कारण सीपत क्षेत्र के गतौरा,कौड़िया, राक समेत करीब आठ गांवों में खेतों में पानी भर गया है। दलदल होने के कारण खेत में फसल की बुआई नहीं हो पाती है। इसके कारण 453 किसान प्रभावित है। हर साल उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने कहा कि जब खेत में पानी नहीं भरता था तो कई क्विंटल धान का उत्पादन होता था। डेम बनने के बाद से लगातार जल रिसाव हो रहा है। इससे किसान परेशान हैं। खरीफ फसल का मुआवजा आठ माह से नहीं मिला है। समय से मुआवजे के भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने तहसील कार्यालय का घेराव किया।

साथ ही तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है। किसानों ने कहा कि राखड़ बांध से गतौरा, सुखरीपाली समेत आस-पास गांव में राखड़ डेम से उड़ रहे राखड़ से आमजन काफी प्रभावित हो रहे हैं। उनके जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। गंभीर संक्रामक व बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। लोगों का खाना पीना भी हराम हो गया है। इसकी शिकायत एनटीपीसी प्रबंधन से लेकर कलेक्टर व मंत्री से शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। इन दिनों आम जन लोगों को खांसी, जुकाम, दमा, श्वासरोग जैसी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। शासन की ओर से इलाज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। इस दौरान मुंशीराम लहरे, लोकेश पटेल समेत अन्य किसान मौजूद थे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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