बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

रेलवे स्टेशन में वाटर वेंडिंग मशीन बूथ से प्यास बुझाना महंगा हो गया है। इसके तहत अब यात्रियों को बॉटल साथ लाने या इसके समेत पानी लेने पर एक- एक रुपये अतिरिक्त देने होंगे। रेलवे बोर्ड टूरिस्ट एंड कैटरिंग के डिप्टी डायरेक्टर ने इसकी जानकारी सभी जोन के पीसीसीएम व आइआरसीटीसी को भेजी है। जल्द ही संशोधित मूल्य लागू करने तारीख तय होगी।

बोर्ड ने यह संशोधन केवल 300 एमएल पानी लेने पर किया है। अन्य मात्रा के लिए पहले से निर्धारित रेट ही मान्य होगा। वाटर वेंडिंग मशीन की यह सुविधा भारतीय रेलवे की बेहद महत्वपूर्ण योजना है। देशभर में इसे अमल पर लाने की जिम्मेदारी आइआरसीटीसी को सौंपी गई है। आइआरसीटीसी ने ठेका देकर इसकी शुरुआत की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन समेत कुछ स्टेशनों में अभी भी मशीनें नहीं लग पाई है। इसके लिए आइआरसीटीसी द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। लेकिन जहां यह सुविधा शुरू हो गई है वहां संशोधित शुल्क का यह नियम लागू कर दिया जाएगा। मालूम हो कि वाटर वेंडिंग मशीन बूथ से यात्रियों को दो तरह से पानी उपलब्ध होता है। पहला बॉटल साथ लेकर आने पर और यदि नहीं है तो बूथ से ही बॉटल समेत पानी दिया जाता है। इन दोनों के लिए अलग से मूल्य निर्धारित है। इसके तहत कोई यात्री 300 एमएल पानी की मांग करता है और बॉटल साथ में लाया है तो उसे दो रुपये और बॉटल समेत पानी चाहिए तो इसके एवज में उसे तीन रुपये देने होंगे। पहले इसके लिए यात्रियों से क्रमशः एक रुपये व दो रुपये लिए जाते थे।

जोन में लगी हैं केवल 38 मशीनें

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के स्टेशनों में मशीन लगाने का ठेका आइआरसीटीसी ने कोलकाता की अरहम मैनेजमेंट का सौंपा है। यहां अलग- अलग स्टेशनों को मिलाकर 68 मशीनें लगाने की योजना है। कंपनी ने अभी तक केवल 38 मशीनें ही लगाई है। शेष मशीनों को लगाने में लगातार देरी की जा रही है। इसे लेकर आइआरसीटीसी द्वारा कई बार नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

वाटर वेंडिंग मशीन बूथ से 300 एमएल पानी लेने पर मूल्य में संशोधन किया गया है। रेलवे बोर्ड से आदेश जारी हुआ है। मुख्यालय से आदेश आने के बाद मूल्य में संशोधन किया जाएगा।

राजेंद्र बोरबन

एरिया मैनेजर, आइआरसीटीसी बिलासपुर