बिलासपुर। शहर विधायक शैलेष पांडेय को एक बार फिर गुस्सा आ गया। अपने ही सरकार के कार्यक्रम में जिला प्रशासन द्वारा किये गए अपमान से गुस्साए विधायक ने कार्यक्रम बीच मे छोड़कर बाहर निकल गए। कार्यक्रम का बायकाट करने से प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया है। राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किसानों के खाते में प्रथम किश्त की राशि जमा करने का कार्यक्रम रखा गया था। प्रार्थना सभा भवन में अपैक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

मेजबान की भूमिका निभा रहे जिला प्रशासन ने सत्ता व विपक्षी दल के विधायक सांसद तथा कांग्रेस के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया था। विधायक पांडेय कार्यक्रम में शामिल होने प्रार्थना सभा भवन पहुंचे। बैठक व्यवस्था को लेकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। जिला प्रशासन ने प्रोटोकाल का पालन नही किया था। इसे लेकर वे नाराज हो गए और कार्यक्रम का बायकाट करते हुये वापस लौट गए। इसे लेकर एक बार फिर चर्चा का दौर शुरू हो गया है।

दरअसल प्रार्थना सभा भवन में जिला प्रशासन ने जो व्यवस्था की थी उसके मुताबिक बोनस वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अध्यक्ष व अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर के अगल बगल की कुर्सी में संसदीय सचिव रश्मि सिंह और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय बैठे हुए थे। बैठक व्यवस्था के क्रम में फिर जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष प्रमोद नायक,जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी बैठे हुए थे ।उनके बगल में कलेक्टर सारांश मित्तर की कुर्सी लगी थी। सबसे अंत में शहर विधायक विधायक पांडेय के लिए कुर्सी रखी गई थी।

मेहमाननवाजी कर रहे जिला प्रशासन की इस बैठक व्यवस्था को देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शहर विधायक पांडेय कार्यक्रम को छोड़कर सभा भवन से बाहर निकल गए । विधायक पांडेय ने कहा कि किसी कार्यक्रम में बुलाया जाता है तो वहां सम्मानजनक व्यवस्था होनी चाहिए ।जनप्रतिनिधि अपमानित होकर भला कार्यक्रम में कैसे रह सकता है इसलिए मैं अपनी बात कह कर कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर वापस लौट रहा हूं।

Posted By: anil.kurrey

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