बिलासपुर। पखवाड़ाभर पहले बिलासपुर जिले के बिल्हा व मस्तूरी ब्लाक के गांव में अल्प और खंडवृष्टि के कारण सूखे की स्थिति बनने लगी थी। धान के पौधे पानी के बिना मुरझाने लगे थे। किसानों की मांग पर खूंटाघाट और घोंघा जलाशय से नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया। पानी छोड़ने के साथ ही जल संसाधन विभाग ने विभागीय कर्मचारियों के अलावा ग्राम पंचायत के सचिव व सरपंचों को जिम्मेदारी सौंपी थी। नहरों के जरिए किसान सिंचाई सुविधा के लिए पानी लेंगे। पानी का दुस्र्पयोग किसी भी स्थिति में न होने पाए इसके लिए विभगीय अमले की ड्यूटी लगाई गई थी।

11 से 15 अगस्त तक लगातार हुई वर्षा ने सूखे खेतों में लबालब पानी भर दिया है। धान के मुरझाते पौधों में हरियाली बिछ गई है। किसानों ने भी राहत की सांस ली है। खासकर मस्तूरी ब्लाक के उन गांव के किसानों को राहत मिली है जिनका गांव नहर के टेल एरिया में है। नहर से पानी तो छोड़ा गया था तब उनके गांव तक पानी नहीं पहुंच पाया था। उनको सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत थी। नहर का पानी पहुंचने से पहले अच्छी वर्षा हो गई है। वर्षा का पानी अब पर्याप्त हो गया है। बोनी पद्धति से खेती करने वाले किसानों ने अब बियासी का काम भी प्रारंभ कर दिया है। किसान खेतों में नजर आ रहे हैं। बियासी के एक सप्ताह बाद खेतों की निंदाई का काम प्रारंभ करेंगे।

बिलासपुर जिले में अब तक 1029.0 मिमी वर्षा

बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 1029.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जो बीते10 वर्ष के औसत बारिश 699.8 मिमी.से 329.3 मिमी अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 1305.1 मिमी बिलासपुर तहसील में और सबसे कम बारिश 727.4 मिमी रतनपुर में रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार बिल्हा तहसील में 1017.8 मिमी, मस्तूरी में 1088.2 मिमी, तखतपुर में 1086.5 मिमी, कोटा में 950.6 मिमी, सीपत में 1081.4 मिमी, बोदरी में 1138.9 मिमी, बेलगहना में 866.6 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1198.3 मिमी है।

Posted By: Abrak Akrosh

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