बिलाासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को एकीकृत मेडिकल आइडी के लिए सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मचारी व अधिकारियों का पंजीयन 31 मई से पहले कराने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारी अधिकृत पोर्टल में जाकर स्वयं भी पंजीयन कर सकते हैं। इसके बाद वे देश में रेलवे के किसी भी अस्पताल में अपना उपचार करा सकते हैं।

रेलवे बोर्ड ने मेडिकल पहचान पत्र में एकरूपता लाने के लिए अद्वितीय चिकित्सा पहचान (यूएमआइडी) आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य ने भी पंजीयन का काम शुरू किया है। बोर्ड के निर्देश के अनुसार कर्मचारियों को अधिकृत पोर्टल में जाकर यूएमआइडी का पंजीयन कराना होगा। कर्मचारियों के अलावा उनके आश्रितों के लिए अलग से कार्ड दिया जाएगा। भारतीय रेलवे में स्वास्थ्य इकाइयों में बदलाव के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर पंजीयन कराया जा सकता है। इस संबंध में विभागों को भेजे गए परिपत्र में सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मचारी व अधिकारी को 31 मई तक मोहलत दी गई है। चिकित्सा पहचान पत्र के डिजिटलीकरण से कर्मचारियों को आसानी से चिकित्सा सहायता मिलेगी। नई प्रणाली में कर्मचारी देश के किसी भी रेलवे अस्पताल में उपचार करा सकते हैं। रेलवे में कम से कम 40 प्रतिशत कर्मचारियों के पास मेडिकल कार्ड है। दूरदराज में कार्यरत कर्मचारियों को अपने मंडल मुख्यालय के अस्पताल में उपचार कराने के लिए आना पड़ता है। इस व्यवस्था से उन्हें राहत मिलेगी।