बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय शराब दुकान से बड़ी मात्रा में शराब की सप्लाई हो रही है। यह अवैध कारोबार आबकारी अफसरों की मिलीभगत से चल रहा है। यही वजह है कि शराब दुकान के सुपरवाइजर व सेल्समैन बेधड़क होकर शराब की मनमानी बिक्री कर रहे हैं।

शराब दुकानों का संचालन आबकारी विभाग के नियंत्रण में है। हालांकि, विभाग ने यहां शराब बिक्री करने के लिए सुपरवाइजर व सेल्समैन की नियुक्ति की है। लेकिन, उनकी देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के आबकारी इंस्पेक्टर को दी गई है। शासकीय शराब दुकान से ग्राहकों को निर्धारित मात्रा में ही शराब देने का नियम तय किया गया है। लेकिन, यहां नियमों को ताक में रखकर शराब की बिक्री की जा रही है। यही वजह है कि जगह-जगह शराब की अवैध बिक्री चल रही है। शराब की सप्लाई करते पकड़े गए ज्यादातर लोगों ने पूछताछ में यही बताया है कि वह शासकीय दुकान से शराब लेकर जा रहा था। स्पष्ट है कि दुकान के सेल्समैन व सुपरवाइजर के साथ ही आबकारी इंस्पेक्टर की जानकारी में इस तरह का अवैध कारोबार चल रहा है। सब कुछ जानते हुए भी न तो पुलिस इस अवैध काम में शामिल सुपरवाइजर व सेल्समेन पर कार्रवाई करती है और न ही आबकारी विभाग के अधिकारी ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि शराब की अवैध बिक्री लगातार बढ़ रही है।

42 पाव शराब के साथ युवक गिरफ्तार

तोरवा पुलिस ने बुधवार को आरपीएफ कॉलोनी के पास शराब लेकर जा रहे युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि सिरगिट्टी के नयापारा निवासी युवक रविंद्र कामत पिता कमलेश्वर कामत (28) शराब सप्लाई करने के लिए आरपीएफ कॉलोनी आया था। पुलिस ने उससे 42 पाव शराब जब्त किया। उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

सिरगिट्टी से अधेड़ कर रहा था सप्लाई

शुक्रवार को दोपहर सिरगिट्टी पुलिस ने शराब लेकर जा रहे अधेड़ ग्रामीण को पकड़ लिया। उसके पास से 29 पाव शराब जब्त किया है। पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम हरदीकला निवासी कौशल श्रीवास पिता दौलत (59) सड़क किनारे लिफ्ट मांग रहा था। वह लूंगी में अवैध शराब लपेटकर ले जा रहा था। खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोपित के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।