बिलासपुर। रायगढ़ जिले में महिलाओं को भी मतदान दल क्रमांक तीन के रूप में तैनात कर दिया है। इससे उन्हें भी मतदान दल के साथ चुनाव कराने के लिए जाना पड़ेगा। जरूरत पड़ी तो उन्हें वहां रात भी गुजारनी पड़ेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने बिना सुरक्षा व्यवस्था के महिलाओं को मतदान दल की तैनाती पर कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने बिलासपुर कलेक्टोरेट में निर्वाचन की राज्य स्तरीय समीक्षा की है। राज्य निर्वाचन कार्यालय ने मतदान दल क्रमांक चार के रूप में ही जरूरत पड़ने पर महिलाओं की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए थे।

मतदान दल क्रमांक चार का काम मतपत्रों को पेटी में ठीक से डलवाना है। जिसे निर्वाचन की भाषा में पुसर कहा जाता है। मतदान खत्म होने के साथ ही मतदान क्रमांक चार का काम भी समाप्त हो जाता है। मतगणना में उनकी ड्यूटी नहीं होती। आमतौर पर जिस गांव में चुनाव है वहीं की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानीन आदि से इस तरह का काम लेने का नियम है। रायगढ़ जिले ने ऐसा नहीं करके मतदान दल क्रमांक तीन के रूप में महिलाओं को तैनात कर दिया है। मतलब इन महिला कर्मियों को मतदान दल के साथ जाकर चुनाव कराना होगा।

जरूरत पड़ने पर मतदान केंद्र में रात रुकना भी पड़ सकता है। अगर कर्मचारी कम है और महिलाओं की ड्यूटी लगाई है। ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था, भोजन आदि की व्यवस्था भी निर्वाचन कार्यालय को करनी थी। जो नहीं की गई है। इस भड़के राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कार्रवाई की चेतावनी उन्हें दी है। संभाग के शेष जिलों का प्रदर्शन ठीक मिला है।

Posted By: Prashant Pandey

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