बिलासपुर । World Milk Day 2020 लॉकडाउन की वजह से दूध के कारोबार पर असर हुआ है। शुरुआती दिनों में तो खुले दूध की खपत आधी ही हो गई थी। ऐसे में डेयरी संचालकों ने बड़े पैमाने पर खोवा और पनीर तैयार कर नुकसान से खुद को बचाया। हालांकि अब फिर से दूध की खपत बढ़ने लगी है। लॉकडाउन से दूध उत्पादकों व विक्रेताओं के कारोबार पर काफी विपरीत असर पड़ा है। होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, चाय आदि की दुकानें बंद होने से शहर में दूध की बिक्री आधी हो गई। वहीं लोग खुले दूध के बजाय पैकेट वाले दूध का इस्तेमाल करने लगे।

श्रीगंगा डेयरी के संचालक विशाल खंडेलवाल ने बताया कि उनकी डेयरी में प्रतिदिन 1200 लीटर दूध की खपत होती है। ऐसे ही शहर में लगभग 100 डेयरी हैं और बड़ी संख्या में होटल और रेस्टोरेंट हैं।

शहर में ग्रामीणों के साथ ही देवभोग और वचन समेत अन्य कंपनियों की ओर से दूध सप्लाई होती है। इस तरह करीब एक लाख लीटर दूध की खपत सामान्य दिनों में होती है। लेकिन, लॉकडाउन के दौरान आधी खपत थी। इससे शेष दूध का खोवा और पनीर तैयार किया गया। अब उनकी बिक्री की जा रही है।

बढ़ती है इम्युनिटी

मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ.सत्येंद्र जायसवाल का कहना है कि कोरोना के संक्रमण से बेहतर इम्युनिटी से ही बचा जा सकेगा। ऐसे में दूध इसका बेहतर माध्यम है। दूध में कैल्शियम, मैग्निशियम, जिंक, फॉस्फोरस, आयोडीन, आयरन, पोटेशियम, फोलेट्स, विटामिन-ए, विटामिन-डी, राइबोफ्लेविन, विटामिन-बी 12, प्रोटीन व स्वस्थ फैट मिलता है।

इस तरह फायदेमंद

बुजुर्गों के लिए- गाय का दूध इम्युनिटी बुस्टर होता है। इससे बुजुर्गों के लिए लाभकारी है। साथ ही लंबे समय तक तक हड्डियों और आंखों की मजबूती के लिए भी आवश्यक है।

बच्चों के लिए- शून्य से लेकर 18 वर्ष के बच्चों की बढ़ती शारीरिक और मानसिक गतिविधियों के साथ बॉडी में प्रोटीन, विटामिन-डी और कैल्शियम की पूर्ति होना जरूरी है। इसके लिए दूध सबसे उत्तम माध्यम है।

महिलाओं के लिए- महिलाओं में लंबे समय तक हड्डियों की मजबूती और ऊतकों की मरम्मत के लिए दूध औषधि की तरह काम करता है। इसके साथ ही अन्य लाभ भी हैं।

गाय के दूध के ये हैं फायदे

आयुर्वेद में दूध को संपूर्ण आहार और श्रेष्ठ द्रव्य व प्राण देने वाला कहा गया है। शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की लगभग 80 प्रतिशत पूर्ति इससे होती है। गाय का दूध पचने में हल्का होता है। इससे ब्लड सेल्स बढ़ते में मददगार होता है। बच्चों को रिकेट्स या सूखा रोग हो जाने पर गाय के दूध से ठीक किया जा सकता है। गाय के दूध में पाया जाने वाला पीला पदार्थ कैरोटीन होता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाता है। दवाओं के हानिकारक प्रभाव को कम करने में भी सहायक होता है। विटामिन-ए पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इससे इसके प्रयोग से पुराना बुखार, मानसिक रोग, पेट और हृदय रोग में लाभ मिलता है।

समय के साथ बना स्वाद भी

समय के साथ दूध का स्वाद भी बदला है। इससे लोग मिल्क शेक, हल्दी वाला दूध, हांडी व कुल्हड़ में दूध, बनाना मिल्क शेक, मैंको मिल्क शेक के रूप में पसंद करते हैं।

ये हैं पोषक तत्व

कैल्शियम : ये शरीर की हड्डियों का घनत्व बढ़ाकर मजबूत बनाता है।

प्रोटीन : ये शरीर की मांसपेशियों और ऊतकों को रिपेयर करने का काम करता है।

विटामिन-ए : ये एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है जो आंखों की रोशनी व इम्युनिटी बढ़ाने के साथ फ्री-रेडिकल को कम करता है।

पोटेशियम : हृदय के लिए काफी फायदेमंद होने के साथ बीपी नियंत्रित रखता है।

विटामिन-डी : शरीर में कैल्शियम के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन-डी जरूरी है।

फास्फोरस : ये कैल्शियम के साथ मिलकर दांतों को मजबूती देता है।

कैसीन : ये दांतों की ऊपरी लेयर को मजबूत बनाता है ताकि दांतों में कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा बरकरार रहे।

कब और कितना लें

दूध लेने का सबसे अच्छा समय सुबह और रात है। सुबह नाश्ते में और रात में सोते समय गुनगुना दूध लेना कई तरह से फायदेमंद है। 200-200 ग्राम दूध दिन में दो से तीन बार लिया जा सकता है। हड्डियों में सबसे ज्यादा कैल्शियम अवशोषित होता है। इससे यह बच्चों के लिए सबसे आवश्यक है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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