बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

क्षेत्र विस्तार के बाद बनाए गए आठ जोन कमिश्नरों को आयुक्त ने शुक्रवार को 24 सौ वर्गफीट तक भवन का नक्शा पास करने का अधिकार दे दिया है। लोगों को इसके लिए अब विकास भवन का चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह छोटे-मोटे काम के लिए जोन कमिश्नर दो लाख रुपये तक खर्च कर सकता है। उन्हें पहली बार चेक काटने का अधिकार मिल गया है। इन सबका फायदा अब आम लोगों को स्थानीय स्तर पर ही मिलने लगेगा।

नगर निगम सीमा विस्तार के बाद शहर को आठ जोन में बांटा गया है। इसी के साथ सभी जोन को स्वतंत्र और सक्षम कार्यालय बनाने के लिए आयुक्त ने अपने अधिकारों को जोन कमिश्नरों को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी के तहत आवासीय नक्शा पास करने का अधिकार जोन कमिश्नर को होगा। लोग पहले जैसे ही नक्शा पास करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इस बार उनका आवेदन निगम के मुख्यालय जाने के बाद जोन कमिश्नरों को प्रेषित हो जाएगा। जोन कमिश्नर प्राप्त नक्शे के अनुसार मौका निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके आधार पर नक्शा पास होगा। निगम की भवन शाखा के चंगुल में अब लोगों को फंसने की जरूरत नहीं है। इसी के साथ भवन शाखा के कर्मचारियों को भी जोन में भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। 24 सौ वर्गफीट से बड़े भवन निर्माण वाली फाइल ही विकास भवन पहुंचेंगी। इस निर्णय से लोगों को खासी राहत मिलने की बात कही जा रही है। इसी तरह आयुक्त ने जोन कमिश्नरों को आर्थिक अधिकार भी दिया है। प्रत्येक जोन कमिश्नर रोज 25 हजार रुपये तक चेक काट सकता है। माह में उसे दो लाख रुपये तक खर्च करने का अधिकार होगा। इस राशि को जोन में अचानक आने वाले छोटे-मोटे खर्च के लिए उपयोग किया जाएगा। जरूरत के अनुसार जोन कमिश्नर पांच आकस्मिक निधि के मजदूर भी रख सकते हैं। इसके अलावा जोन कमिश्नर तृतीय वर्ग कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत कर सकते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उपायुक्त को प्रकरण भेज सकते हैं। इस तरह अन्य निगमों की तरह ही जोन को यहां भी आयुक्त ने अधिकार संपन्न बना दिया है। आने वाले समय में लोगों से जुड़े हुए सारे काम जोन कार्यालय स्तर पर ही निपट जाएंगे।

10 लाख रुपये तक काम कराएंगे जोन कमिश्नर

जोन कमिश्नरों को अब 10 लाख रुपये तक के काम का टेंडर लगाने, टेंडर स्वीकृत करने और काम कराने का अधिकार होगा। इसमें विधायक निधि, सांसद निधि और राज्य प्रवर्तित योजना के काम शामिल हैं। हालांकि जोन कमिश्नरों को ऑडिट के बाद ही भुगतान करने की अनुमति होगी। क्योंकि राज्य शासन ने निगमों में प्री आडिट व्यवस्था लागू कर दी है।

रायपुर की तर्ज पर मिले अधिकार

प्रदेश में सबसे पहले जोन कार्यालय से शहर संचालित करने की व्यवस्था रायपुर से शुरू हुई थी। क्षेत्र बड़ा होने के कारण वहां इस तरह का प्रयोग किया गया था, जो सफल रहा। अब बिलासपुर निगम की सीमा बढ़ने के बाद यहां भी जोन व्यवस्था लागू कर दी गई है।

जोन कमिश्नरों को 24 सौ वर्गफीट तक जमीन का नक्शा पास करने, 10 लाख रुपये तक चेक काटने जैसे अधिकार दिए गए हैं। उन्हें अब इसी के अनुसार जल्द कार्यालय को व्यवस्थित करने कहा गया है।

प्रभाकर पांडेय

आयुक्त, नगर निगम