बिलासपुर। ट्रेनों को दोबारा रद करने से शहर में आक्रोश भड़क गया है। नाराज छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति के सदस्यों ने तारबाहर चौक में विरोध जताते हुए केंद्रीय रेल मंत्री का पुतला फूंका। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मी उन्हें रोकने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाब नहीं है। समिति के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी और चेतावनी दी है कि परिचालर जल्द शुरू नहीं होती है तो उग आंदोलन किया जाएगा। रेलवे आम जनता को सुविधा देने की बजाय परेशान कर रही है। किसी भी सूरत में यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उनका कहना था रेलवे कोयला परिवहन के नाम पर पिछले दो महीनों से लगातार ट्रेनों को रद करते जा रही है। जबकि यह उचित नहीं है। रेलवे इतनी बड़ी संस्था है कि इस समस्या की वैकल्पिक व्यवस्था बिना ट्रेनों को प्रभावित किए ढूंढनी चाहिए। देश में कोयले का सर्वाधिक उत्पादन छत्तीसगढ़ में हो रहा है। यदि भंडार की बात करें तो झारखंड और ओडिशा में कोयला भंडार छत्तीसगढ़ से अधिक है। छत्तीसगढ़ वर्तमान में ही अपनी क्षमता से अधिक कोयला उत्पादन कर रहा है।

इसका सीधा दुष्परिणाम यह हुआ है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने और प्रारंभ होने वाली 34 ट्रेनों को कर रद कर दी गई है। इन ट्रेनों के बेपटरी पर होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ा है। खासकर व्यापारी, श्रमिक व अलग- अलग कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी, जिनका ट्रेन ही सबसे बड़ा साधन है। इस समस्या के अलावा एक बड़ी दिक्कत ट्रेनों के ठहराव को लेकर भी आ रही है।

छह महीने से , ट्रेनें चलाईं जा रही है उनका ठहराव बिल्हा, करगी रोड, खोडरी, खोंगसरा, बेलगहना जैसे प्रमुख स्टेशनों में समाप्त कर दिया गया। ठहराव नहीं देने की भी मुख्य वजह कोयल परिवहन है। छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति का कहना है कि देश में इस समय 91000 मेगावाट क्षमता के सौर और पवन ऊर्जा के पावर प्लांट तथा 24000 मेगावाट के गैस आधारित पावर प्लांट लगे हुए हंै, जिनका उपयोग बहुत कम हो रहा है। इस विरोध के बाद समिति बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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