कोंडागांव। नईदुनिया न्यूज

नगरीय निकाय निर्वाचन में राजनैतिक प्रचार-प्रसार के लिए छपाए जाने वाले पम्पलेट, हैंडबिल, पोस्टर आदि सामग्रियों पर प्रिंट लाइन नहीं छपाने पर संबंधित प्रत्याशी को छह माह की सजा या दो हजार रुपये जुर्माना या दोनों एक साथ हो सकते हैं। चुनावों में प्रत्याशी अपने प्रचार के लिए बिना प्रिंटलाइन के कोई सामग्री मुद्रित, प्रकाशित नहीं करा पाएंगे। प्रत्याशियों को मुद्रित कराए गए पोस्टर, पम्पलेट आदि सामग्रियों में मुद्रक, प्रकाशक का नाम एवं पता प्रिंट करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार अखबारों में छपने वाली खबरों की मॉनिटरिंग भी की जाएगी। नगरीय निकाय निर्वाचन 2019 के लिए गठित मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति के अध्यक्ष और जिला निर्वाचन अधिकारी नीलकंठ टीकाम ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

इसके अनुसार किसी अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा नामांकन से परिणाम की घोषणा तक निर्वाचन के उद्देश्य से किए गए खर्च निर्वाचन व्यय के अंतर्गत आएंगे। सभी प्रकार के मीडिया में दिए गए कोई भी खबर या विश्लेषण जो किसी प्रतिफल की आशा से दिए गए हैं एवं अभ्यर्थी द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से या अन्यों द्वारा अभ्यर्थियों की निर्वाचन संभावनाओं को प्रभावित करने के लिए अपील या विज्ञापन पेड न्यूज की श्रेणी में आएंगे। इसकी सतत निगरानी के लिए जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति का गठन किया गया है। यह समिति अभ्यर्थियों के लिए प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों का प्रमाणन करेगी और पेड न्यूज की भी जांच करेगी। प्रकाशित सामग्री सही पाए जाने पर अभ्यर्थी के निर्वाचन के वास्तविक व्यय में शामिल करने हेतु आदेशित किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों का प्रसारण समिति के द्वारा प्रमाणन के पश्चात ही किया जा सकेगा। यदि विज्ञापन अभ्यर्थी के प्राधिकार के बिना दिया गया है तो भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 (ज) के उल्लंघन के लिए प्रकाशक के विरूद्ध अभियोजन के लिए कार्यवाही की जाएगी। मुद्रक एवं प्रकाशक के द्वारा निर्वाचन से संबंधित जो भी सामग्री का प्रकाशित की जाएगी उसके नीचे प्रिंट लाइन डाला जाना अनिवार्य होगा जिसमें मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम, छपाई एवं मुद्रित किए गए सामग्री की कुल संख्या तथा मुद्रण तिथि का लेख करना होगा। इसके उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 127 (ए) के तहत संबंधित के विरूद्ध छह माह की सजा व दो हजार रूपये के जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। प्रिंटिंग प्रेस द्वारा मुद्रित व छापे गए उक्त सामग्री की संख्या की जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय को तत्काल अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा, जिससे उक्त खर्च संबंधित प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में जोड़ा जा सके। किसी भी प्रत्याशी के व्यक्तिगत जीवन से संबंधित सामग्री अथवा अपमानकारक लेख, प्रत्याशियों के न्यायालयीन मामलों, निर्णयों से संबंधित कोई समाचार या आलोचना, धर्मविषयक आलोचना संबंधी समाचार, सामग्री, देश की एकता और अखंडता को प्रभावित करने वाले किसी समाचार अथवा सामग्री का प्रकाशन नहीं किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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