कोंडागांव। मतांतरण के चलते हो रहे मतभेद के कारण जनजातीय समुदाय के बीच अशांति का माहौल निर्मित हो रहा है। क्षेत्र में निवासरत जनजातिय व अन्य समुदाय के कुछ परिवार पारिवारिक परेशानियों तथा प्रलोभनों के लालच में आकर बेहतर जिंदगी की आस में मतांतरित तो हो रहे हैं लेकिन मतांतरित परिवार के किसी व्यक्ति की मौत के बाद मृतक का शव दफन करने को लेकर गांव में निवासरत दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित होने की घटनाए लगातार रह रह कर सामने आ रही है। ग्रामीणों का एक पक्ष जो अपनी स्थानीय परंपरा, संस्कृति सहित गांव की देवी-देवताओं के परंपरा की अनदेखी मानकर मतांतरित मृतक के शव को गांव की भूमि में दफनानें का विरोध करते हैं, वहीं दूसरा मतांतरित पक्ष गांव की शमशान घाट में शव दफनाने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन पर शव दफनाने को लेकर अड़ जाते है। जिसके चलते गांव में निवासरत दोनों पक्षों के बीच आए दिन टकराव व तनाव की स्थिति निर्मित होने से गांव में अशांति का वातावरण बन रहा है।

केस 1

माह फरवरी 2022 में मतांतरित ग्रामीण सुकलाल सोरी निवासी बडभत्तर की मौत के बाद ग्रामीणों गांव में शव दफनाने का विरोध किया था। अधिकारियों ने विवाद से बचने शव को केसकाल स्थित ईसाईयों के श्मशान घाट में दफन करवाया था।

केस 2

ग्राम बडभत्तर में ही एक 75 वर्षीय ग्रामीण की मौत के बाद जनवरी 2022 में मृतक का शव दफनाने को लेकर गांव में तनाव पैदा हुआ था। लेकिन प्रशासनिक समझाइश के बाद मृतक के शव को उसके ही खेत में दफनाया गया।

कब्रिस्तान दिया जाए

छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम कोडागांव के जिला अध्यक्ष सिंदू दास का कहना है कि गांव में रहने वाले मतांतरित परिवार को गांव में कब्रिस्तान दिया जाए। मौत के बाद शव को शांति पूर्वक दफनाने दिया जाए। वहीं सर्व आदिवासी समाज कोंडागांव के सचिव जीवन नाग के मुताबिक गांव-गांव में बैठक रखकर उन परिवार को समझाइश देते हैं, विवाद रोकने हाल में दूधगांव के 7 मतांतरित परिवारों को बैठक रखकर समझाइश दी गई है।

समझाने का प्रयास कर रहे

- हम लगातार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि ग्रामीणों के बीच आपसी समन्वय व सौहार्द बना रहे।

दिव्यांग पटेल, पुलिस अधीक्षक कोंडागांव

Posted By: Nai Dunia News Network

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