कोंडागांव। अंडा उत्पादन ईकाई में मुर्गियों की मौत का मामला सामने आने के बाद उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं शिशिरकांत पांडे के निर्देश पर पशु चिकित्सकों का दल ग्राम कुकाड़गारकापाल स्थित अंडा उत्पादन ईकाईयों का निरीक्षण करने पहुंचा। इस दौरान जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पशुचिकित्सकों द्वारा मृत मुर्गियों की जांच करते हुए अन्य जीवित मुर्गियों की स्वास्थ्य जांच की है।

पशु चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक मौत का कारण बायोसेक्युरिटी मापदंडों के पालन में कमी के साथ-साथ समूह द्वारा दाने की कमी बतायी गयी एवं चिकित्सकों द्वारा मृत पोस्टमार्टम कर सैंपल जांच के लिए राज्य स्तरीय रोग अन्वेषणशाला रायपुर भेजा गया है, रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।

जिला मिशन समन्वयक विनय सिंह के मुताबिक अंडा उत्पादन ईकाई का तीन स्व-सहायता समूहों मां दंतेश्वरी, जय मां बमलेश्वरी एवं शीतला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालन किया जा रहा हैं। जिसमें दो समूहों में मुर्गियों के मृत्यु दर 1.93 एवं 3.35 रही है। वहीं तीसरी शीतला स्व-सहायता समूह में मृत्यु दर 7.22 रही है। शीतला समूह की मुर्गियों को ही वर्तमान में मृत्यु हुई है। इस संबंध में बोर्ड आफ डायरे

क्टर समूह की महिलाओं द्वारा निरीक्षण के दौरान स्वच्छता के संबंध में शीतला समूह को निर्देश देते हुए प्रति तीन दिन में सफाई के निर्देश दिए गए थे। लेकिन समूह द्वारा अरूचि दिखाते हुए पांच दिनों में सफाई कार्य किया जाता है। इसके संबंध में समूह को चेतावनी भी दी गई है।

कुछ मुर्गियों की ही मृत्यु

उत्पादन ईकाई में वायरस की आशंका को दरकिनार करते हुए उन्होंने बताया कि कुकाड़गारकापाल में तीन यूनिटों में मुर्गीपालन किया जा रहा है। यदि किसी प्रकार की बीमारी या दानों की कमी होती तो तीनों यूनिटों की मुर्गियां प्रभावित होती। जबकि वर्तमान में एक यूनिट के एक किनारे पर स्थित कुछ मुर्गियों की ही मृत्यु हुई है। इसके कारणों की जांच पशु चिकित्सा विभाग द्वारा की जा रही है। जांच उपरांत रिपोर्ट अनुसार कार्रवाई की जाऐगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local