राज शार्दुल, कोंडागांव। 90 वर्ष की हो चुकी अब जीवन के अंतिम पड़ाव तक पेंशन का इंतजार करना पड़ेगा। सरकार जरा मेरी भी फरियाद सुन लो, यह बात गडरी बाई ने कही। जनपद पंचायत बडेराजपुर के ग्राम बालेंगा निवासी 90 वर्षीय गडरी बाई इन दिनों दाने-दाने को मोहताज हो चुकी है। न तो उसे वृद्धा पेंशन मिल रहा है और ना ही विधवा पेंशन मिल रहा है। इस उम्र में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते हुए थक चुकी है।

अब उसने प्रशासन के सहयोग का मोह छोड़कर अपने ही हाल में जीने का मन बना लिया। गडरी बाई बताती है कि जब से वह पेंशन की पात्र हुई तब से लेकर अब तक पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रही है। जिला मुख्यालय से लेकर पंचायत सचिवालय तक दौड़ लगाते लगाते अब थक चुकी पर कोई सुनने वाला नहीं है। कुछ दिनों के अंतराल पर कभी पंचायत का तो कभी बैंक का चक्कर लगाती रहती है। हर बार यही पूछती रही कि उनका पेंशन चालू हुआ क्या पर हर बार जवाब केवल यही मिलता है नहीं। गडरी बाई बताती है कि उम्र के अंतिम पड़ाव पर जब अब शरीर में चलने फिरने की हिम्मत भी नहीं है और लाठी ही सहारा बन है। अब दफ्तरों का चक्कर काटने का हिम्मत भी खत्म हो चुकी है। उसने बताया कि सरकारें बदली प्रशासनिक अधिकारी बदले पंचायत के सचिव से सरपंच तक भी कई बार बदल चुके किंतु किसी ने उनकी सुध नहीं ली।

ग्राम बालेंगा के ही हीरा सिंह ने बताया कि वह कई साल से वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन करते आ रहे है। लेकिन अब तक उन्हें पेंशन की सुविधा नहीं मिल पाया है। वह चलने फिरने में अब लाचार हो चुके है। लाठी के सहारे कुछ कदम चल पाता है। ऐसी स्थिति में वह अब दफ्तरों का चक्कर भी नहीं लगा पा रहे है। इसी तरह जनही पिता सोमा मरकाम, भादू पिता सुकड़ूसलाम की भी कमोबेश यही कहानी है। जिले में केवल वृद्धा पेंशन ही नहीं बल्कि दिव्यांग पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन का भी बुरा हाल है। लोग पंचायतों एवं जनपद कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। लेकिन प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा है। तुंहर सरकार तुंहर द्वार योजना के तहत प्रशासनिक अधिकारियों का अमला घर-घर पहुंच रहा था किंतु लगता है यह केवल औपचारिकता निभाई गई तथा इस योजना का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पाया।

गरीबी सर्वे सूची में नाम नहीं

कई बार गरीबी रेखा सर्वे सूची में नाम नहीं होने के कारण दिक्कत आती है। जो लोग आवेदन किए हैं उन्हें पेंशन की सुविधा मिल रही है तथा जिन्हें नहीं मिल पा रहा है, वह इसकी शिकायत कर सकते हैं, मामले की जांच कर के पात्र पाए जाने पर उन्हें वृद्धा पेंशन की सुविधा दी जाएगी।

ललिता लकड़ा, उपसंचालक, समाज कल्याण कोंडागांव

Posted By: Nai Dunia News Network

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