कोंडागांव। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर एक दिसंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने के बाद किसान टोकन लेने खरीदी केंद्रों में पहुंच रहे। टोकन जारी करने के दौरान किसानों को 25 प्रतिशत बारदाना लाने की जानकारी मिलने पर किसान किसन पेसोपेस में हैं। वहीं डीएमओ रविकांत नेताम के मुताबिक कुल 4229 गठान बारदाना उपलब्ध है। जबकि जिले में कुल 8185 गठान बारदाने की आवश्यकता होगी।

बारदाना खरीदीने कोंडागांव पहुंचे किसान अमृत कौशिक, संतोष कुमार, पनकु राम आदि किसानों ने दावा किया धान विक्रय करने बारदाना खरीदने पहुंचे हैं। बारदाना की किल्लत बनी हुई है। बारदाना के लिए परेशान हो रहे, दुकान में बारदाना 32 से 40 की दर में बिक रहा, खरीदी केंद्रों में किसानों से 25 प्रतिशत बारदाना लाने की बात कहते हैं, हमने लोन लिया है धान तो देना पड़ेगा, बरदाना के अभाव में धान खरीदी नहीं होगी। इसीलिए बारदाना खरीदने पहुंचे हैं। हम 32 से रुपये 40 रुपए की दर में जूट बारदाना खरीद रहे, जबकि प्लास्टिक बारदाना 15 से 20 रुपए के अंदर मिल रहा है और सरकार 25 रुपए प्रति नग बारदाने का कीमत देने की बात कह रहीं। प्रति बारदाना हमें आठ से 15 रुपये का घाटा सहना पड़ेगा। सरकार को जूट बारदाना की व्यवस्था ना होने से प्लास्टिक बार दाने पर धान खरीदी की इजाजत देना चाहिए। ताकि किसानों को बार दाने को लेकर घाटा सहना ना पड़े।

पूर्व मंत्री छत्तीसगढ शासन लता उसेंडी ने कहा कि 2500 रुपए में धान खरीदी आदि किसानों के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी। सरकार बनते ही किसानों को छलने लगी है,जो बारदाना बाजार में 40 रुपये पर मिल रहा है, उसका सरकार द्वारा किसानों को 25 रुपए देना किसानों के साथ धोखा है। बारदाने की कीमत से ही सरकार की नियत झलक रही। धान खरीदी, बारदाना आदि तमाम मुद्दों पर अपनी नाकामी छुपाने केंद्र को दोष दे रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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