दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा में ब्लैक फिल्म और सायरन वाले वाहनों की भरमार हो गई है। ऐसे वाहनों में गाड़ी पर नंबर प्लेट भी नही होता है जिससे पुलिस की परेशानी बढ़ जाती है। जिले में सुरक्षा गत कारणों से कुछ गाड़ियों को छूट दी गई है, जिसमें कई कांग्रेस, भाजपा के नेता शामिल है। दंतेवाड़ा में अब ब्लैक फिल्म, सायरन, बिना नंबर प्लेट के वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई है।

यातायात प्रभारी दंतेवाड़ा निरीक्षक सलीम खाखा के नेतृत्व में यातायात पुलिस बल द्वारा बचेली रोड में ब्लैक फिल्म लगे चार पहिया वाहनों की चेकिंग करते हुए आठ गाड़ियों के काले शीशे को मौके पर ही निकलवाया गया। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने ब्लैक फिल्म को अवैधानिक घोषित किया है, लेकिन नक्सल प्रभावित क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन से विभिन्न श्रेणियों के सुरक्षा प्रदत्त प्राटिक्टयों को सुरक्षागत कारणों से छूट दी गई है। लेकिन क्षेत्र की संवेदनशीलता का फायदा उठाकर कई व्यक्ति जिन्हें किसी प्रकार का सुरक्षा श्रेणी में नहीं रखा गया है। वे भी काले शीशे लगवाकर धड़ल्ले से घूम रहे हैं।

पुलिस सतर्क

कई बार असामाजिक तत्व भी काले शीशे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देकर भागने में सफल हो जाते हैं। आगामी दिनों मुख्यमंत्री का जिला दंतेवाड़ा प्रवास प्रस्तावित है, इसे देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई है। अब दंतेवाड़ा यातायात पुलिस द्वारा शासन से बगैर सुरक्षा प्रदत्त व्यक्तियों द्वारा अपने निजी वाहनों में काले शीशे लगाकर घूमने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

30 से 40 प्रतिशत रंगीन फिल्म मान्य

यातायात प्रभारी सलीम खाखा द्वारा जानकारी दी गई कि सामान्यतः चार पहिया वाहनों में 30 से 40 प्रतिशत रंगीन काले शीशे -ब्लैक फिल्म मान्य है। वाहन के डोर ग्लास और रियर ग्लास में 60 से 70 प्रतिशत विजिबिलिटी होनी ही चाहिए अर्थात चार पहिया वाहन के अंदर बैठे व्यक्तियों कि संख्या व उनकी हरकत स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। यातायात प्रभारी ने आमजनों से अपील किया गया कि जिन्हें शासन की ओर से किसी भी प्रकार की सुरक्षा श्रेणी में नहीं रखा गया है। वे अपने वाहनों में 30-40 प्रतिशत से अधिक रंगीन काले शीशे का उपयोग न करें अन्यथा उनके विरुद्ध मोटर वीकल एक्ट के प्रावधान के तहत चालानी कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local