दंतेवाड़ा। क्षेत्र के लोगों की शिकायत पर प्रभारी मंत्री कवासी लखमा द्वारा गठित बस्तर विकास प्राधिकरण की 5 विधायकों की टीम सोमवार को शासन की नेरली धुरली जल प्रदाय योजना का निरीक्षण करने पहुंची। इस योजना के तहत दंतेवाड़ा जिले के लालपानी प्रभावित क्षेत्रों के 17 पंचायतों के 40 गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की थी, पर योजना केवल कागजों में सिमट जाने की शिकायत लगातार मिल रही थी। वहीं दूसरी ओर पीएचई विभाग पेयजल आपूर्ति किये जाने का दावा करती रही है।

प्राधिकरण के सदस्यों ने नेरली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और आसपास के दर्जनों गांवों में जाकर योजना मूर्तरूप का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने एक भी नल में पानी निकलते नहीं देखा। चूंकि लगभग 60 करोड़ की इस योजना का सारा खर्च एनएमडीसी सीएसआर के माध्यम से हुआ था। इसके बाद एनएमडीसी बचेली गेस्ट हाउस में एनएमडीसी के अधिकारियों, जिला प्रशासन और पीएचई विभाग के संभागीय और जिले के अधिकारियों से योजना के फेल होने का कारण पूछा। साथ ही नाराजगी जाहिर करते जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कि बात कही। इस टीम में बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी, संतराम नेता, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, राजमन बेंजाम और देवती कर्मा शामिल थे।

भाजपा का आरोप

इधर, भाजपा जिला अध्यक्ष चेतराम अटामी ने इस दौरे को नौटंकी करार देते कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी नाकामी छुपाने, चुनावी लाभ लेने लालपानी प्रभावितों की सुध लेने आए हैं। नेरली धुरली जल प्रदाय योजना हमारे भाजपा शासन काल में 2017 में शुरू की गई थी। कांग्रेस सरकार को बने 4 वर्ष हो चुके हैं, तब तक उन्हें इन ग्रामीणों की समस्या नहीं दिखी। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना का पैसा राज्य सरकार ले रही है पर अपनी सहभागिता नहीं दे रही केंद्र के पैसों को ठेकेदारों के साथ मिलकर बंदरबांट कर रहे हैं। इसी नाकामी को छुपाने अब क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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