Bastar Dussehra 2021: दंतेवाड़ा। जगदलपुर के लिए रवाना हुई मांई की डोली के साथ उनके पुजारी, सेवादार समेत श्रद्धालु भी शामिल हुए। मांई बस्तर दशहरा में संपन्ना होने वाले विभिन्ना रस्मों में शामिल होंगी। इस दौरान शहर में जगह-जगह भक्तों ने मांई के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। शारदीय नवरात्र के पंचमी में बस्तर राज परिवार दंतेवाड़ा में मांई के दर्शन व पूजा-अर्चना कर बस्तर दशहरा में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।

इधर शक्तिपीठ में पंचमी की सुबह विशेष पूजा, आरती, हवन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मांई की डोली को सभागृह तक लाया गया। इसके पहले पुजारियों ने विशेष पूजा कर चंदन रूपी यंत्रों को डोली में स्थापित किया। तत्पश्चात पंचमी में न्योता मिलने के बाद अष्टमी को मांई बस्तर दशहरा में शामिल होने जगदलपुर के लिए रवाना होती है।

कुछ दशक पहले मांई की डोली पैदल ही जगदलपुर के लिए रवाना होती थी। उनके साथ पुजारी, सेवादार, ग्रामीण भक्तों के अलावा हाथी, घोड़े भी साथ चलते थे। उस वक्त वाहनों की सुविधा नहीं थी। तब सफर तीन से चार दिन का होता था। लेकिन आज के बदलते परिवेश व आधुनिकता के दौर में वाहनों की सुविधा होने से जगदलपुर का सफर एक दिन का हो गया है।

सलामी के साथ रवाना हुई मांई

रवाना होने से पहले मंदिर में मांई की पालकी को जवानों ने सलामी दी। आगे-आगे लोक नृतकों का दल चल रहा था। वहीं आतिशबाजी व जयकारों के साथ मांई की डोली को पुजारियों ने कंधे में लेकर पैदल निकले। डंकनी नदी पुल पर भी सलामी दी गई। इस दौरान रानी बगीचा में डोली कुछ देर रुकी। यहां मांई ने भक्तों को दर्शन दिया। मांई को रवाना करने भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

जगह-जगह होता है मांई का पड़ाव

पुजरियों की माने तो बस्तर दशहरा में जाने के दौरान जगह-जगह मांई का पड़ाव होता है। इस दौरान मांई अपने भक्तों को दर्शन देतीं है, विश्राम करती हैं। जाते वक्त आंवराभाटा, गीदम, कोडनार, तुरथुम, तोकापाल से सीधे जियाडेरा पहुंचती है। यही सिलसिला दंतेवाड़ा वापसी के दौरान भी होता है। वापसी में जियाडेरा से रवाना होकर मांई कोरकोटी, गीदम नाका, परपा, डिमरापाल, तोकापाल, मावलीभाटा, कोडनार, कारली होते आंवरभाटा में रुकती है। यहां रात्रि विश्राम के बाद दूसरे दिन मंदिर प्रवेश होता है।

सभी का हुआ कोरोना जांच

दो नर्तक दलों के साथ100 लोग मांई की डोली लेने के लिए आए थे। इन सभी की पहले कोरोना जांच की गई और उसके बाद ही इन्हें यहां आने की अनुमति दी गई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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