दंतेवाड़ा। भांसी नेरली में वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य कैंपा मद अंतर्गत वर्ष 2022-23 नरवा विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्चुअल रूप से किया। जिसमें दंतेवाड़ा जिले से नेरली नाला शामिल है। इसकी कुल लंबाई 5.12 किमी है और वनक्षेत्र अंतर्गत कैचमेंट 1040.00 हेक्टेयर क्षेत्र है। विधायक देवती महेंद्र कर्मा ने जनप्रतिनिधि, सीसीएफ मोहम्मद साहिद, जिपं सीईओ आकाश छिकारा, वनमंडलाधिकारी संदीप बलगा की उपस्थिति में सरस्वती मां की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर भौतिक रूप से नरवा विकास कार्यों का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने जिले में नरवा विकास से लाभांवित हो रहे, ग्रामवासियों से बात की। पहले और अब नरवा विकास के बाद आये परिवर्तन के बारे में पूछा। ग्राम नेरली के रोहित तेलाम ने बताया कि हम इसका लाभ ले रहे हैं। खेती के साथ सब्जी उत्पादन में उपयोग किया जा रहा है, आगे मछली पालन भी करेंगे। ग्राम मुरकी के अर्जुन तेलाम ने बताया कि नरवा अंतर्गत 2-3 तालाब बना है, जिसके माध्यम से हम सब्जी उत्पादन, मछली पालन कर रहे है। इसके साथ ही पशुओं को भी पानी मिल रहा है।

विधायक देवती महेंद्र कर्मा ने गोंडी बोली में संबोधित करते हुए ग्रामवासियों को बधाई दी। इसके अतिरिक्त पंचायत द्वारा भी नेरली नाला के बहाव वाले राजस्व क्षेत्र में भी 110 अलग-अलग संरचनाएं जैसे डबरी निर्माण, एलबीसीडी, अर्दन गली, प्लगिंग तैयार कर राजस्व क्षेत्र में भी जल सरंक्षण का कार्य कराया गया है। ग्राम पंचायत नेरली के 70 स्थानीय ग्रामीणों को 12946 मानव दिवस का रोजगार मुहैया कराया गया है। नरवा विकास कार्य से गांव का जल स्तर में व्यापक सुधार परिलक्षित हुआ है।

भूमि कटाव में कमी

स्थानीय तालाबों बोरवेल का जलस्तर बढ़ा है, मृदा जल संरक्षण कार्य से पानी से होने वाले भूमि कटाव में कमी आई है और नेरली नाला के सहायक नालों में भी पानी उपलब्ध हो रहा है। नेरली नाला के कराये गये कार्यों से जलस्तर में वृद्धि होने से स्थानीय मवेशियों और वनक्षेत्र के वन्यप्राणियों को भी पर्याप्त पेयजल मिल रही है। इसके अतिरिक्त पेयजल स्तर बढ़ता है। इससे ग्राम नेरली का तालाब जो सामान्य फरवरी माह तक सुख जाता था, अब पानी से भरा हुआ है।

मछली पालन का कार्य

इसमें ग्रामवासी मछली पालन का कार्य कर रहे है और 12 ग्रामीणों की कृषि भूमि नालों के पास लगी हुई है। उनके द्वारा सब्जी उत्पादन कर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से वनों के पुनरोत्पादन में काफी वृद्धि हो रही है। बेस लाइन सर्व के अनुसार नाले का बहाव 30 सेमी. बढ़ गया। इसके कारण आसपास के बोरवेल में पानी का जलस्तर गर्मी के दिनों में बढ़त पाया गया। इस अवसर पर एसडीएम अरुण कुमार सोम, एसडीओ फारेस्ट अशोक सोनवानी सहित संबंधित अधिकारी, नेरली के ग्रामीण मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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