दंतेवाड़ा। किसानों के भारत बंद का व्यापक असर देखने को दंतेवाड़ा में मिला। यहां सुबह से दंतेवाड़ा में एसकेएमएस के सदस्य सड़कों पर दुकान बंद करवाने की अपील करते दिखे।

बता दें के जिले के किरंदुल, बचेली, गीदम, बारसूर, दंतेवाड़ा की मार्केट बंद रहा। किसानों के भारत बंद के समर्थन में नक्सलियों ने भी समर्थन किया था, जिसको लेकर दंतेवाड़ा में सड़कों पर कम बसे ही चली।

किसानों के समर्थन में एसकेएमएस मजदूर संगठन बचेली, किरंदुल के द्वारा दंतेवाड़ा में करीब एक घंटे तक गीदम दंतेवाड़ा मुख्य सड़क को जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर तहसीलदार यशोदा को ज्ञापन सौपा। ज्ञापन में तीनों कृषि बिल वापस करने सहित 29 श्रम कानून को निरस्त कर बदले में चार लेबर कोड बना दिए गए है। इस कानून के रद्द करने से मजदूर आगे चलकर सरकार और पूंजीपतियों की कठपुतली बन जाएंगे। मजदूर संगठन ने निजीकरण और बढ़ती महंगाई को लेकर भी जमकर नारेबाजी की, सकेएमएस, आदिवासी महासभा, भारतीय कमनिस्ट पार्टी ने संयुक्त रूप से 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

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किसानों की मांग पर बंद को सीपीआई का समर्थन

सुकमा। कृषि कानून बिल को लेकर भारत बंद का आह्वान किया गया था। इनके समर्थन में सीपीआइ ने भी सोमवार को प्रदर्शन किया और 11 सूत्रीय मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा। सोमवार को सीपीआइ पार्टी के कार्यकर्ता बाजार बंद कराने के लिए सड़कों पर दिखे और कार्यालय से मोटरसाइकिल पर रैली निकाली जो नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां 11सूत्रीय मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें कृषि कानून के अलावा स्थानीय मांग नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए। इसके साथ ही शासकीय नौकरी में स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाए। वहीं फर्जी मामले में जेल में बंद निर्दोषों को रिहा किया जाए। इसके साथ ही बैलाडीला उतर ब्लाक के ए एवं बी खदान के ई टेंडर को तत्काल निरस्त करने समेत अन्य मांग रखी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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