दंतेवाड़ा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्रामीण आदिवासियों के आजीविका में मक्खियां मिठास खोलने वाली हैं। जिले के आधा दर्जन गांव के दर्जनों परिवार अब मधुमक्खी पालन का व्यवसाय करेंगे। इसके लिए उन्हें खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग सहयोग करने सामने आया है। विभाग ने पहले चरण में कुछ हितग्राहियों का चयन कर मधुमक्खी पालन के लिए सहायक सामग्री भी सुलभ करा दी है।

दंतेवाड़ा जिले में हनी मिशन अंतर्गत मधुमक्खी पालन के काम को बढ़ावा देने के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग राज्य कार्यालय ग्राम गंजेनार, कमेली, नेरली, फरसपाल, मासोड़ी, बिंजाम के 85 किसानों का चयन किया गया। ये किसान बाड़ी और करीबी जंगल में मधुमक्खी पालन कर शहद एकत्र करेंगे। इसके लिए प्रत्येक हितग्राही को 10-10 नग बाक्स और मधुमक्खियां दी गई है। पिछले दिनों विभाग के रायपुर कार्यालय से आए उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसएस त्रिभुवन ने हितग्राहियों को समझाइश दी, कि मधुमक्खी पालन के काम से आपकी आमदनी बढ़ेगी ही, साथ ही फसलें अच्छी होगी। सहायक विशेषज्ञ एलएम राउत ने किसानों को समझाया कि मधुमक्खी पालन करने से परिवार मजबूत होगा। समृद्धि आएगी इसलिए मधुमक्खी पालन का काम अच्छे से करें। मधुमक्खियों के प्रजातियों एवं उसके रखरखाव की जानकारी किसानों भी किसानों को दी गई। उल्लेखनीय है कि जिले के कुछ किसान पिछले करीब एक दशक से मधुमक्खी पालन कर एकत्र शहद से अच्छी आमदनी पा रहे हैं। दंतेवाड़ा में संकलित शहद की मांग महानगरों में भी है। दंतेवाड़ा में प्रवास के दौरान राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री भी स्थानीय शहद का स्वाद चखकर तारीफ कर चुके हैं। इसे ही बढ़ावा देने अब खादी एवं ग्रामोद्योग के सहयोग से जिला प्रशासन हितग्राहियों का सहयोग कर रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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