दंतेवाड़ा (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

कोरोना संक्रमण से पर्व और त्यौहार भी अछूते नहीं हैं। असत्य और अहंकार के प्रतीक रावण के पुतले का आकार भी घट गया है। दशहरा में जलने वाले रावण के पुतले की ऊंचाई 10 फीट के भीतर होगी। वहीं जलाने के दौरान मौजूद लोगों की संख्या 50 तय की गई है। इस संबंध में शुक्रवार शाम कलेक्टोरेट से गाइड लाइन जारी हुई है। कहा गया है कि पुतला दहन बस्ती के रहवासी इलाके में नहीं होगा। आयोजन के दौरान केवल पूजा करने वाले व्यक्ति शामिल होंगे। भीड़ एकत्रित न होने देने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। पुतला दहन की वीडियोग्राफी करानी होगी। चार नग सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे। उल्लेखनीय है कि बस्तर में रावण दहन की परंपरा नहीं है। एनएमडीसी में कार्यरत उत्तर भारत के लोगों ने करीब चार दशक पहले बचेली-किरंदुल में दशहरा पर रावण दहन का कार्यक्रम शुरू किया। गीदम और एक- दो अन्य स्थानों पर पुतले जलाए जाते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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