दंतेवाड़ा, नईदुनिया प्रतिनिधि। मंगलवार को दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण इलाके में मुठभेड़ के दौरान जवान की मौत हार्ट अटैक से नहीं बल्कि गोली लगने से हुई है। दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने स्वीकार किया है कि जल्दबाजी में जवान की मौत हार्ट अटैक से होना बता दिया गया था। बता दें कि कटेकल्याण के पिटेडब्बा में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में डिस्ट्रिक रिजर्व गार्ड के जवान कैलाश नेताम मौके पर ही शहीद हो गए थे। पुलिस ने मंगलवार देर शाम तक उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया था। एसपी ने बताया कि शव का एक्स-रे कराने के बाद इसका पर्दाफाश हुआ है। जवान के कमर के नीचे वाले हिस्से में गोली लगी थी।

एक ही वाहन में लाया गया जवान और नक्सली का शव

शहीद जवान का मंगलवार को पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका था। बुधवार को 24 घंटे बीतने के बाद पोस्टमार्टम किया गया। जवान के शहादत के बाद पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि शहीद जवान के शव के लिए अलग से एंबुलेंस या गाड़ी की व्यवस्था नहीं की गई थी। नक्सली के शव के साथ एक ही वाहन में उसे लाया गया। हालांकि एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव का कहना है कि एक ही गाड़ी होने की वजह से दोनों का शव साथ लाना पड़ा। एसपी ने कहा कि निश्चित रूप से शहीद जवान हमारा अपना है लेकिन मारे गए नक्सली का भी हम सम्मान करते हैं।

शहीद को बिटिया ने दी मुखाग्नि, पिता ने सीना तान ठोका सैल्यूट

धमतरी। दंतेवाड़ा मुठभेड़ में शहीद जवान कैलाश नेताम को बुधवार को उनके गृहग्राम छिंदभर्री में अंतिम दर्शन को जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांव के बहादुर बेटे के दर्शन को हर कोई आतुर था। बड़ी बेटी वंदना ने पिता को मुखाग्नि दी। वहीं शहीद के पिता आनंदराम नेताम ने सीना तानकर बेटे को सैल्यूट मारी और कहा कि ईश्वर बेटा दे तो ऐसा ही बहादुर।

तीन माह पहले हुई थी भर्ती

परिजनों ने बताया कि अगस्त माह में कैलाश एक दिन की छुट्टी में घर आया था। उसके बाद वह पुन: ड्यूटी पर चला गया। वहअपने पीछे पत्नी लक्ष्मी नेताम, दो बेटियां, मां मानबाई नेताम, पिता आनंदराम नेताम और बड़ा भाई हेमकुमार नेताम को छोड़ गया है। शहीद की बहन हेमलता नेताम ने बताया कि डीआरजी ज्वाइन किए कैलाश को सिर्फ तीन माह ही हुआ था। पुलिस विभाग की नौकरी के आठ साल का सर्विस पूरा किया था। शादी हुए करीब 12 से 13 हुए थे।

Posted By: Prashant Pandey