दंतेवाड़ा। रविवार को किरंदुल थाना क्षेत्र के हिरोली में हुए मुठभेड़ को ग्रामीण फर्जी बताते फोर्स पर हत्‍या का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मारा गया गुड्डी नक्सली नहीं, मजदूर है। वह अपने अन्य मजदूर साथियों के साथ सड़क पर मुरम डाल रहा था। तभी वहां मुंह पर कपड़ा बांधकर साइकिल सवार कुछ लोग पहुंचे और गुड्डी को घूरने लगे। जब गुड्डी ने पूछा क्यों घूर रहे हो तो उसे दौड़ाया गया। हथियारबंद लोगों को सामने देखकर घबराया गुड्डी जंगल की ओर भागा। जंगल मे पहले से मौजूद जवानों ने उस पर दो गोली दाग कर हत्या कर दी। यह आरोप सोमवार को हिरोली में बैठक करने वाले ग्रामीणों का है।

हिरोली में हुई बैठक में समाजसेवी सोनी सोरी सहित कथित मुठभेड़ के दौरान मौके पर मौजूद गुड्डी का दोस्‍त जोगा और सड़क निर्माण में लगे मुंशी सहित सैकड़ों की संख्‍या में ग्रामीण मौजूद थे। मारे गए कथित नक्‍सली के भाई छन्‍नू कुंजामी ने कहा की गुड्डी के दो पत्नियां और 5 बच्चे हैं। उन्हें अब कौन संभालेगा।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जिस दिन भीमा मंडावी की हत्या हुई, वह गांव में था। पुलिस जबरदस्ती उसे भीमा मंडावी के हत्‍या में शामिल इनामी नक्सली बता रही है। सोनी सोरी के मुताबिक बैठक में ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वे गुड्डी का शव लेने नहीं जाएंगे। शव तभी लेंगे जब आरोपी जवानों के खिलाफ किरंदुल थाने में एफआईआर दर्ज होगी। अगर एफआईआर नहीं होती है तो मंगलवार को ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंच प्रदर्शन करेंगे।

इधर पुलिस ने गुड्डी को एक लाख का इनामी एलओएस सदस्‍य बता रही है। पुलिस ने मौके से शव के साथ एक नग पिस्‍टल, जिंदा कारतूत, टिफीन बम और अन्‍य सामग्री भी बरामद किया गया है। पुलिस ने सोमवार को मीडिया को बताया था कि वह भीमा मंडावी वारदात सहित इलाके के कई वारदातो में शामिल रहा। अकेले किरंदुल थाने में उसके खिलाफ नामजद 23 अपराध दर्ज है।

इनका कहना है

ग्रामीण और परिजनों का आरोप गलत है। गुड्डी एलओएस सदस्‍य था और मुठभेड़ में मारा गया है। उसके पास हथियार और अन्‍य सामान थे, जो शव के साथ बरामद हुए हैं।

-डॉ अभिषेक पल्‍लव, एसपी दंतेवाड़ा

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