दंतेवाड़ा। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया है। इस दौरान ग्रामीणों को राहत देकर उनकी मदद की जा रही है। इस मुश्किल दौर में भी नक्सली अमानवीयता से बाज नहीं आ रहे हैं। दंतेवाड़ा के कई गांवों से शिकायत मिल रही है कि नक्सली ग्रामीणों को मिली राहत सामग्री लूट कर ले जा रहे हैं। विशेषकर दंतेवाड़ा के अरनपुर, बारसूर और कटेकल्याण इलाके से लूट की सूचना आ रही है।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने कहा कि ऐसी शिकायत और सूचनाएं पुलिस के पास पहुंच रही हैं। जानकारी के अनुसार लॉकडाउन में नक्सलियों को खाने के लाले पड़ गए हैं। उनके कैंपों में राशन की कमी हो गई है। हाट-बाजार के साथ हॉस्टल, आंगनबाड़ी व स्कूल बंद हैं।

यही कारण है कि वह ग्रामीणों से राशन लूट रहे हैं। बताया गया कि ग्रामीण जब राशन लेकर अपने गांव जा रहे हैं तो उन्हें रास्ते में रोक कर आधा राशन लूटा जा रहा है। ऐसी घटनाएं कटेकल्याण, बारसूर एवं अरनपुर क्षेत्रों में हुई हैं। नक्सलियों ने अंदरूनी गांवों में प्रति परिवार 500 रुपये जमा करने का फरमान भी जारी किया है।

गौरतलब है कि दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र के ग्राम बेंगपाल के 83 लोग कोरोना लॉकडाउन पीरियड में आंध्रप्रदेश से लौटे हैं। इनमें से किसी में भी कोरोना के लक्षण नजर नहीं आए हैं, बावजूद इन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होम आइसोलेट किया गया है। जरूरत पड़ी तो पूरे गांव को आइसोलेट किया जा सकता है।

ग्रामीण प्रशासन को बिना सूचना दिए ही शुक्रवार-शनिवार को अपने परिवार के पास पहुंच चुके थे जबकि प्रशासन को वहां पहुंचने में दो दिन का समय लग गया। ऐसे में दंतेवाड़ा जिले में भी कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

Posted By: Sandeep Chourey

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