दंतेवाड़ा। सोमवार को दिल्ली से दंतेवाड़ा पहुंचे सीआरपीएफ के डीजी आरआर भटनागर ने देश में नक्सलियों के लगातार कमजोर होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि नक्सलियांे को चौतरफा घेरने पुलिस के साथ नई-नई रणनीति बनाई जा रही है। बावजूद सीआरपीएफ के लिए बीजापुर और सुकमा जिले का कुछ क्षेत्र चुनौतीपूर्ण है। नक्सलियों बम लगाने में माहिर है, लेकिन उन्हें भी मात देने के लिए जवानों को संयुक्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सुकमा का दौरा करने के बाद सोमवार की शाम सीआरपीएफ डीजी आरआर भटनागर दंतेवाड़ा पहुंचे थे। एसपी कार्यालय में पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों की बैठक लेकर नक्सल मामले में लंबी चर्चा की। इसके बाद मीडिया से चर्चा करते कहा कि देश में नक्सलियों का दायरा लगातार सिमट रहा है। झारखंड, बिहार, मप्र और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से में नक्सलवाद पस्त हो चुका है। बावजूद बस्तर के कुछ हिस्सों में उनकी पकड़ मजबूत है।

इसे तोड़ने लगातार कार्य चल रहा है। दंतेवाड़ा जिले में भी नक्सली समाप्ति की ओर है। केवल बीजापुर और सुकमा जिले के कुछ हिस्से में मजबूती के साथ फोर्स के लिए चुनौती बने हुए हैं। एक सवाल के जवाब में डीजी सीआरपीएफ ने कहा कि नक्सली लंबे समय से माइंस का उपयोग कर रहे हैं और वे इसमें दक्ष हैं। इसे तोड़ने और हादसे से बचने फोर्स भी तैयारी में जुटी है। लैंड माइंस का पता लगाने और जमीन के भीतर ही डिफ्यूज करने की तकनीक पर भी काम चल रहा है। ताकि जवानों को नुकसान न हो पाए।

अधिकारी ने कहा कि बस्तर में सीआरपीएफ और पुलिस का समन्वय अच्छा है। इसके चलते एक साल में दर्जनों नक्सलियों को मार गिराने में हम सफल हुए हैं। हाल ही में बीजापुर में एक नक्सली को मार गिराने के साथ एके 47 जब्त करने पर कोबरा बटालियन बीजापुर कमांडेंट की प्रशंसा भी की। उन्होंने नक्सलवाद खत्म करने के लिए विकास को जरूरी बताते कहा कि सड़क निर्माण सहित अन्य कार्याें में सीआरपीएफ पूरा सहयोग दे रहे हैं।

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