किरंदुल। नईदुनिया प्रतिनिधि

बैलाडीला के खदान क्रमांक 13 में लौह अयस्क उत्खनन के लिए एनएमडीसी और जिला प्रशासन ने फर्जी ग्रामसभा और दस्तावेज तैयार किए हैं। यह आरोप लगाते रविवार को हिरोली पंचायत की सरपंच बुधरी ने किरंदुल थाने में आवेदन सौंपा है। आवेदन में कहा गया है कि लौह अयस्क उत्खनन के लिए ग्राम पंचायत ने कोई स्वीकृति नहीं दिया है। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों का उल्लेख करते लिखा है कि चार जुलाई 2014 को 70 प्रतिशत जनसमूह की उपस्थिति और मेरी अध्यक्षता में बताया गया है, यह गलत है। 13 नंबर खदान में हमारी देवी पिट्टेमेटा रहती है। यह पहाड़ हमारी धार्मिक आस्था से जुड़ा है। इसलिए यहां खनन करने की अनुमति देने का सवाल ही नहीं है। सरपंच बुधरी ने कहा है कि 4 जुलाई 2014 के उक्त प्रस्ताव में मेरा हस्ताक्षर है। जबकि उस वक्त मैं हस्ताक्षर करना नहीं जानती थी। अंगूठा लगाती थी। प्रस्ताव में उल्लेखित अधिकांश नाम को भी बुधरी ने फर्जी बताते तत्कालिक एनएमडीसी के मुख्य प्रबंध संचालक और कलेक्टर को कूटरचना के लिए जिम्मेदार बताया। साथ ही किरंदुल थाने में तत्कालीन कलेक्टर और एनएमडीसी के मुख्य प्रबंध संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानून कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान सीपीआई नेता और पूर्व विधायक मनीष कुंजाम, संयुक्त पंचायत संघर्ष समिति के सदस्य व अन्य मौजूद थे।

'हिरोली पंचायत की सरपंच की ओर से एक आवेदन मिला है। आवेदन की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।'

-डीएस बरूआ, थानेदार किरंदुल

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