दंतेवाड़ा। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले के गीदम ब्लाक स्थित जांगला झोड़ी जंगल में अवैध कब्जे को लेकर दो पंचायत को लोग आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि कुल्हाड़ी, फावड़ा और लाठी डंडे से एक-दूसरे पर प्रहार भी किया। समझाइश के लिए पहुंचे वनकर्मी और पड़ोसी गांव के युवक ग्रामीण की भी पिटाई हो गई जबकि दोनों गांव के एक- एक व्यक्ति को गंभीर चोट आई है। उनका उपचार हास्पिटल में चल रहा है। फोर्स पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।

ग्राम पंचायत समलूर और बुधपदर से लगे जंगल आरएफ 1341 में अवैध कटाई कर अतिक्रमण की शिकायत लंबे समय से दोनों पंचायतों के निवासी राजस्व विभाग से कर रहे हैं। शुक्रवार को बुधपदर के ग्रामीण जांगला झोड़ी जंगल में अवैध कब्जे की नियत से पहुंच मेड़ बना रहे थे जिन्हें समलूर के लोगों ने घेर लिया। इसके बाद दोनों गांव से बड़ी संख्या में लोग कुल्हाड़ी, फरसा, बंडा, तीर- धनुष जैसे पारंपरिक हथियार लेकर बीजापुर मार्ग के करीब पहुंचे और विवाद करने लगे। इस बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 63 में चक्काजाम जैसी स्थिति भी कुछ देर के लिए बनी। इसकी सूचना पर वन अमला पहुंचा। बताया जा रहा है कि वन कर्मियों द्वारा ग्रामीणों को समझाइश की कोशिश की जा रही थी तभी भीड़ आपस में उलझ गई और समलूर के लोगों ने बुधपदर के भगत बारसा की पिटाई कर दी। इसके बाद बुधपदर के लोगों ने परिसर रक्षक समलूर गोपीनाथ मौर्य को बाइक से खींचकर लात-घूंसे और डंडे से पिटाई करने लगे। इस दौरान दोनों गांव के लोग घायल हुए। बताया जा रहा है कि इस बीच बिंजाम के एक ग्रामीण सुरेश के साथ घासी नामक व्यक्ति की भी पिटाई की गई। सुरेश का कसूर था कि उसने अपनी बाइक में वनकर्मी गोपीनाथ को बिठाया था। भीड़ ने गीदम रेंजर सतीश गुरला के साथ भी हाथापाई की। मारपीट की सूचना पर गीदम थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत किया। साथ ही, घायलों को गीदम हॉस्पिटल भिजवाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला हॉस्पिटल रिफर कर दिया गया।

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देवभूमि और वन प्रबंधन समिति का झगड़ा

समलूर के लोगों का कहना है कि कासोली ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम बुधपदर, जपोड़ी व बड़े कारली के लोग हमारी देव भूमि में अवैध कटाई कर जबरन कब्जा कर रहे हैं। दोनों ग्राम पंचायतों की सीमा एक- दूसरे से जुड़ी हुई है। वन प्रबंधन समिति समलूर रिजर्व फॉरेस्ट की देख रेख करती है। दूसरी तरफ ग्राम पंचायत कासोली के ग्रामीणों का आरोप है कि समलूर ग्राम पंचायत के निवासी उनके पंचायत के आश्रित ग्राम जपोड़ी की जमीन पर बेजा कब्जा कर रहे हैं। इसे लेकर विगत 2-3 वर्ष से ग्राम पंचायत कासोली का ग्राम पंचायत समलूर के साथ विवाद चल रहा है।

सुरक्षा मांग रहे ग्रामीण

शुक्रवार को हुए विवाद और मारपीट के बाद दोनों ही गांव के लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। समलूर के लोगों का कहना है कि बुधपदर में बसे लोग बीजापुर जिले के हैं। वे बड़े खतरनाक हैं और अब उनसे जान का खतरा है। इसी तरह बुधपदर निवासी राजेश कश्यप का कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों का देवस्थल है जिस पर समलूर के लोग हक जता रहे हैं। विवाद शांत कराने के दौरान कुछ लोगों ने मुझ पर हमला किया और जान से मारने की धमकी दी है। मेरे साथ गांव के अन्य लोगों को भी अब इलाके में खतरा है।

Posted By: Nai Dunia News Network