दंतेवाड़ा। बारसूर थाना क्षेत्र के मुंडेर नाले में बहने वाले शिक्षक को 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया। गोताखोर दिन भर नाले में करीब छह किमी तक तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली।

मंगलवार को मुचनार स्‍कूल से शाम को घर झारावाया पारा जाने के दौरान शिक्षक राजूराम कश्‍यप डेम से फिसलकर नाले में बह गया था। जिसकी सूचना पर बारसूर पुलिस बुधवार को गोतोखोरों के साथ मिलकर दिन भर नाले में खोजती रही। लेकिन शाम तक शिक्षक और न ही उसका शव मिला।

जानकारी के अनुसार बारसूर थाना क्षेत्र के ग्राम मुचनार के झारावाया पारा में रहने वाले राजूराम कश्‍यप मंगलवार की शाम स्‍कूल से डेम के रास्‍ते घर लौट रहा था। तभी फिसलकर वह नाले में गिर पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक वह गिरने के बाद कुछ दूर तक बहता नजर आया लेकिन बाद में पता नहीं चला।

अंधेरा होने से ग्रामीण रात में उसकी खोजबीन नहीं की। उसके पानी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। नाले में करीब तीन मीटर पानी बह रहा है। इधर सुबह सूचना पर बारसूर थानेदार सावन कुमार सारथी गोताखोरों के साथ नाले में तलाशी शुरू की। लेकिन शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।

पांच किमी तक खोजा गया

शिक्षक राजूराम कश्‍यप की तलाश में स्‍थानीय लोगों के साथ गोताखोरों ने बुधवार को दिन भर नाले में तलाश करते रहे। मुंडेर डेम से लेकर इंद्रावती नदी के मुहाने तक करीब पांच किमी की दूरी पूरी तरह खंगालने के बाद भी टीम और ग्रामीणों को निराशा हाथ लगी है। शाम होने से टीम लौट आई है लेकिन ग्रामीण और परिजन नाले के दोनों ओर से खोजबीन में जुटे हैं।

चुनाव ड्यूटी से सीधे स्‍कूल पहुंचा था

मुचनार प्राथमिक शाला के शिक्षक राजूराम कश्‍यप की चुनाव ड्यूटी कटेकल्‍याण ब्‍लाक में थी। चुनाव संपन्‍न कराने के बाद वह मतदान सामग्री जमाकर मंगलवार की सुबह सीधे मुचनार स्‍कूल पहुंचा। स्‍कूल में ज्‍वाइनिंग और बच्‍चों को पढ़ाने के बाद शाम को झारावाया पारा स्थित घर लौट रहा था।

तभी डेम में पैर फिसलने से नाले में बह गया। बताया जा रहा है कि राजू अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। माता-पिता के बाद बड़े भाई की भी मौत कुछ साल पहले हो गई। इसके बाद घर की जिम्‍मेदारी राजू ही संभाल रहा था। छोटी बहन और भाभी व बच्‍चों की जिम्‍मेदारी उसी पर थी।