दंतेवाड़ा। पेट्रोल, डीजल से लेकर रसोई गैस के दाम में लगातार वृद्धि होने से लोग परेशान हैं। गैस के बढ़ते दामों की वजह से तो उज्वला के तहत बांटे गए एक तिहाई सिलिंडर रिफलिंग के लिए ही आना बंद हो गए हैं। बीपीएल कार्ड धारियों को 200 रुपये में एक सिलिंडर व गैस चूल्हा सरकार के द्वारा वितरित किए थे। शुरुआत में जब गैस के दाम 600 तक थे, तब तक तो हितग्राही सिलिंडर की रिफलिंग करवाने हर महीने पहुचते थे पर अब एक तिहाई हितग्राहियों ने खाली हो चुके सिलिंडर को घरों में रख दिया है।

बिक रहे हैं सिलिंडर

उज्वला के तहत बांटे गए गैस सिलिंडर बिक भी रहें है, ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवार जो कई महीनों से रिफलिंग नहीं करवा पा रहें हैं। ऐसे लोग पांच से सात सौ में खाली सिलिंडर बेच रहे हैं। सिलिंडर के भाव जब तक 600 थे, तब तक तो हितग्राही गैस से खाना बना रहे थे, अब फिर से लकड़ियों के भरोसे खाना बन रहा है। सरकार ने स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन के नारे साथ केंद्र सरकार ने एक मई 2016 को सामाजिक कल्याण योजना प्रधानमंत्री उज्वला योजना की शुरआत की थी, यहां योजना एक धुंआ रहित ग्रामीण भारत की सपना को साकार करने शुर्स्आत की थी। सरकार की मंशा थी की धुंआ रहित रसोई से महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी विकार दूर होंगे और वायु प्रदूषण, वनों की कटाई को कम करने में भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

इसलिए फ्लाप हो रही योजना

2020 गैस के दाम 600 रुपये थे, वहीं दो साल में बढ़कर 1088 तक पहुंच गया हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है, अभी 14.2 किग्राम सिलेंडर 1088 र्स्पए में मिल रहा है। वहीं पांच किलो 400 और 19 किलो 2577.50 रुपये है, ग्रामीण क्षेत्र जहां बीपीएल परिवारों की संख्या अधिक है, जिनको हर महीने अभी फ्री में चावल का वितरण किया जा रहा है, फ्री में चावल लेने वाले गरीब परिवार कैसे भरवाएंगे 1100 का एलपीजी, दंतेवाड़ा जिले में 10 हजार से अधिक परिवारों को मिला था उज्वला योजना का लाभ, अब रिफलिंग के लिए महज एक से डेढ़ हजार ही हर महीने आ रहें हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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