दंतेवाड़ा (नईदुनिया न्यूज)। दंतेवाड़ा जिले में चलने वाले चार डीएवी स्कूल परचेली, गीदम, दंतेवाड़ा, कुआकोंडा के शिक्षकों को नौ महीने से वेतन नहीं मिलने से ये शिक्षक अब स्कूल के सामने धरने पर बैठकर वेतन की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों को कई महीने से वेतन नहीं मिलने से इनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। किराए के घरों में रहने वाले शिक्षक माकन मालिक को किराया भी नहीं चुका पा रहें हैं। डीएवी के शिक्षकों ने शनिवार से स्कूल भवन के बाहर क्लास लगा कर बच्चों को शिक्षा दे रहे थे। अब चारों स्कूल के शिक्षक मुख्य गेट के सामने बैठ वेतन की मांग कर रहें हैं।

शिक्षा सत्र के बीच में शिक्षकों के हड़ताल में बैठ जाने से पढ़ाई प्रभवित हो रही है, सबसे ज्यादा बोर्ड क्लास 10वीं12वीं के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अप्रैल महीने से नहीं मिला है शिक्षकों का वेतन अनुबंध के मुताबिक राज्य सरकार के द्वारा इन शिक्षकों का वेतन दिया जाना है। वर्ष 2012 में शुरू हुए थे ये अंग्रेजी स्कूल, पहले माडल स्कूल के नाम से संचालित होते थे, ये स्कूल, बाद में 2017 में इस स्कूल की जवाबदारी डीएवी को सौंप दी गई थी। चारों ब्लाक के डीएवी स्कूलों में एक हजार से अधिक छात्र-छात्रा अध्यन रत हैं,शिक्षा सत्र के बीच में शिक्षकों के हड़ताल में बैठने से इनकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ेगा।

पढ़ाई भी पिछड़ी

कोरोना की वजह से दो साल में वैसे भी पढ़ाई नहीं हो पाई थी स्कूलों में प्राथमिक स्तर के बच्चे पढ़ाई में काफी पिछड़ गए हैं। डीएवी के पहले बंद हुए आश्रम अब स्कूल भी बदहाली की ओर हैं, शिक्षा विभाग का पूरा फोकस स्वामी आत्मनंद स्कूल पर है। डीएवी स्कूल खोलने का मकसद भी ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर सकें यही था। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कर्मा, डीपीआई के द्वारा वित्त विभाग को भेज दिया गया है, शासन स्तर का मामला है वेतन का,डीएवी के रीजनल वालो को इसके लिए शासन से बात करना चाहिए-पत्र व्यवहार हमारे द्वारा भी किया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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