दंतेवाड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल दंतेवाड़ा के विद्यार्थियों ने कई रोचक सवाल किए। ऐसा की एक सवाल कक्षा 10 वीं की छात्रा तृप्ति नेताम ने किया। तृप्ति ने अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जाने को लेकर सरकार का आभार जताने के बाद मुख्यमंत्री से सवाल पूछा। छात्रा ने बताया आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल से हमें एक अच्छे वातावरण में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल रही है। तृप्ति ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या कोई साधारण मुझ जैसी लड़की भी मुख्यमंत्री बन सकती है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं? बिल्कुल बनना पर पहले अभी अच्छे से पढ़ाई करो, फिर जनता की सेवा करना। बिना जनता की सेवा के कोई मुख्यमंत्री नहीं बनता।

बघेल ने छात्रा को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। दंतेवाड़ा में ने नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए नवनिर्मित सर्व सुविधायुक्त आवासीय परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने 30 नक्सल पीड़ित परिवारों को आवासों की चाबी सौपी। इस मौके पर मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, विधायक देवती कर्मा व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज, कलेक्टर सुनील सोनी व जिला एवं पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारी भी मौजूद थे।

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वनोपज संग्राहक पार्वती को सैर के लिए सरकार भेजेगी इंग्लैंड

दंतेवाड़ा। कटेकल्याण में प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार को आयोजित मुख्यमंत्री का जनता से संवाद कार्यक्रम भेंट मुलाकात ने पार्वती मोरे की इंग्लैंड की सैर पक्की करा दी है। कार्यक्रम में कटेकल्याण की आदिवासी महिला पार्वती मोरे ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चर्चा में बताया कि सरकार द्वारा वनोपज संग्रहण का उचित मूल्य दिए जाने का लाभ क्षेत्र के संग्राहकों को हो रहा है। इस साल दंतेवाड़ा का महुआ इंग्लैंड निर्यात करने की तैयारी चल रही है।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा यह बहुत अच्छा बात है। मुख्यमंत्री ने पार्वती से पूछा कि क्या तुम भी इंग्लैंड जाना चाहती हो? युवती के उत्साह से भरे चेहरे को देखकर उन्होंने कहा कि तुम्हें भी इंग्लैंड भेजेंगे। पार्वती ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभिन्ना समूहों के माध्यम से 40 हजार क्विंटल महुआ एकत्रित हुआ है। सरकार की संग्राहकों को राहत देने की नीति से लोगों में काफी खुशी है।

बड़ी मात्रा में महुआ संग्रहण का कार्य

उल्लेखनीय है कि कटेकल्याण क्षेत्र में बड़ी मात्रा में महुआ संग्रहण का कार्य होता है। महुआ का क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। यहां की आदिवासी संस्कृति में महुआ रचा बसा है। भूपेश बघेल ने कहा कि महुआ की वैश्विक पहुंच से यहां आय के नए अवसर उत्पन्ना होंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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