दंतेवाड़ा। निलंबित पटवारी लल्ली मेश्राम हल्का नंबर 11 कुम्हाररास ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य महिला आयोग को आवेदन प्रेसित कर एसडीएम ओर तहसीलदार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने आवेदन में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगते हुए इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया गया है। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा द्वारा

अवगत कराया गया है कि मेश्राम शासकीय नियम एवं प्रक्रिया अनुसार किये गये स्थानांतरण कार्रवाई और उपरांत किए गए कार्रवाई पर आरंभ से जिला प्रशासन पर अनर्गल आरोप लगाते हुए पत्राचार करना, आचरण नियमों के विरूद्ध कृत्य करना और अधिकारियों के छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जाता रहा है। दो वर्ष से अधिक अवधि से एक ही स्थान पर कार्यरत पटवारियों को अन्य हल्के में स्थानांतरण करने के शासन के निर्देश के तहत अनुविभाग दंतेवाड़ा के पटवारियों को पदस्थ हल्के से अन्य हल्के में पदस्थापना किया गया है।

पूर्व में भी लल्ली मेश्राम का कुम्हाररास से अन्य हल्के में स्थानांतरण किया गया था और उनके द्वारा पारिवारिक समस्या बताये जाने पर आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उसी हल्के में कर्तव्यरत रखा गया। मेश्राम विगत 10 वर्षो से एक ही हल्के में कार्यरत होने पर अन्य हल्के में स्थानांतरण किया गया। लेकिन उनके द्वारा नवीन पदस्थापना में कार्यभार ग्रहण नहीं करते हुए और एवजीदार कर्मचारी को ग्राम राजस्व रिकार्ड न सौंपते हुए अनाधिकृत रूप से अपने कब्जे में रखा गया और अनर्गल शिकायत किया जाता रहा।

ग्रामवासियों से शिकायत प्राप्त होने व रिकार्ड नहीं सौपे जाने पर, आचरण नियमों के विपरीत कृत्य पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सेवा से निलंबित किया गया। निलंबन पर नियत मुख्यालय में भी आज तक अपनी उपस्थिति नहीं दी गई है। साथ ही निलंबित कर्मचारियों द्वारा अन्यत्र कोई कार्य नहीं करने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने के कारण निर्वाह भत्ता भी तैयार नहीं किया जा सका है। इस संबंध में बताये जाने पर उनके द्वारा आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना का अनर्गल आरोप जिला प्रशासन पर लगाया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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