दंतेवाड़ा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कलेक्टर को बम से उड़ा देने के लिए नक्सली नेता को संदेश देने और कलेक्टोरेट की रेकी कराने के मामले में हिरासत में लिए जनप्रतिनिधियों ने पुलिस के समक्ष कई राज खोले हैं। उन्होंने बताया है कि जिले के अंदरूनी इलाकों में विकास कार्य कराने पर 10 फीसद राशि नक्सलियों को देना होता है। यही नहीं, खेती-किसानी कर जीविकोपार्जन के लिए ट्रैक्टर, पिकअप रखने वालों को भी सालाना लेवी देनी होती है। अपने कृत्य के लिए उन्होंने माफी भी मांगी है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ जरूर दिया है, लेकिन नजर भी रख रही है। इस मामले में कलेक्टर सोनी ने कुछ भी कहने से इन्कार करते कहा है कि यह अपराध व सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसलिए एसपी ही बताएंगे।

पुलिस सूत्रों की मानें तो हिरासत में लिए गए जनप्रतिनिधि कटेकल्याण ब्लाक के बड़ेगुडरा से अलग हुए नए पंचायत पखनाचुंआ की सरपंच जोगी कुंजाम के पति व पूर्व उपसरपंच जोगेंद्र कुंजाम और वार्ड पंच बजरंग ठाकुर हैं। जोगेंद्र ने स्वीकार किया कि वर्ष 2007 से उसका संबंध नक्सली नेता मंगतू, भीमा, सुखराम, बुधरा सोढ़ी, कोसा, हुंगा, लक्ष्मण आदि से है। वह उनके लिए कपड़े, राशन आदि पहुंचाता था। टेटम में कैंप खुलने के बाद कलेक्टर के कटेकल्याण से तेलम, टेटम, एटेपाल, बड़ेगुडरा होते दंतेवाड़ा जाने की सूचना दरभा डिवीजन रेंज कमेटी के दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ (डीएकेएमएस) अध्यक्ष कोसा माड़वी को मोबाइल पर दिया था। तब उसने कहा था, कलेक्टर साहब आ रहे हैं। देख लो। रोड में बम लगाकर उड़ा दो। तब नक्सली नेता कोसा ने कहा था, देखता हूं।

50 हजार कमीशन देने की बात कबूली

दूसरे संदिग्ध पंच बजरंग ठाकुर ने बयान दिया है कि वर्ष 2009 से वह नक्सलियों के संपर्क में रहा है। पंच बनने के बाद नक्सलियों को राशन आदि पहुंचाता था। नक्सली नेता बुधरा सोढ़ी आदमी भेजकर बुलवाता था। गांव की गाड़ियों की लिस्ट देकर सालाना लेवी वसूल करवाते थे। बजरंग के अनुसार उसके पंचायत में 18 ट्रैक्टर और पांच पिकअप वाहन हैं। नक्सली एक ट्रैक्टर का 10 हजार और पिकअप का 15 हजार रुपये सालाना लेवी लेते हैं। पंचायत में होने वाले विकास कार्यो में 10 प्रतिशत राशि नक्सली बतौर कमीशन मांगते हैं। उसने बताया है कि वर्ष 2020 में पंचायत में पांच लाख रुपये के विकास कार्य हुए। इसका 10 प्रतिशत कमीशन 50 हजार रुपये जोगेंद्र कुंजाम के साथ मिलकर नक्सली नेता बुधरा सोढ़ी को लोहरापारा में पहुंचाया था। इन दोनों ने पुलिस पूछताछ में कई अन्य अहम जानकारियां भी दी हैं।

वर्जन

रेकी करने नक्सली नेता को कलेक्टोरेट लाने वाले जनप्रतिनिधि को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। नक्सलियों से संबंध, कलेक्टर के गांव जाने की सूचना नक्सलियों को देने व कलेक्टर को बम लगाकर उड़ा देने की बात कहना भी स्वीकारा है। अन्य खुलासे भी किए हैं। पुलिस उन पर नजर रखे हुए है।

-डा. अभिषेक पल्लव, एसपी, दंतेवाड़ा

Posted By: Nai Dunia News Network

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