दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा के नहाड़ी में दिन में जाने में डरते थे, अधिकारी कर्मचारी अब उसी नहाड़ी में देर रात तक कर रहे है जहां बिना किसी डर के कमर्चारी काम कर रहे है। दंतेवाड़ा जिले के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित गांव नहाड़ी की तस्वीर है। कलेक्टर दीपक सोनी ने नहाड़ी में लाखों के कार्य मनरेगा के तहत पहले ही स्वीकृत कर चुके हैं। इसके साथ ही यहां अब प्रशासन द्वारा लगातार शिविर लगा ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। नहाड़ी में एक तिहाई से अधिक लोगों के पास आधार कार्ड नहीं हैं, प्रशासन अब गांव में ही शिविर लगा बच्चे बूढ़े सभी का आधार कार्ड बनाया जा रहा है। आधार कार्ड नही होने से नहाड़ी के ग्रामीणों को अब तक प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला योजना, बकरी पालन सहित सरकार की दूसरी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब नहाड़ी में रात में भी कर्मचारी बिना किसी डर के बना रहे है।

ग्रामीणों का आधार एवं राशन कार्ड

नहाड़ी दंतेवाड़ा जिले का सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित गांव था, यहां अब कैंप खोल दिया गया है। यहां दिन में भी नही जाते थे अधिकारी, यहां दो साल पहले सड़क का सर्वे करने गए दो इंजीनियरों को नक्सलियो ने अगवा कर लिया था, हालांकि बाद में दोनों की सकुशल रिहाई हो गई थी।

नहाड़ी की बदल रही है तस्वीर

अब 10 किलोमीटर राशन लेने अरनपुर नहीं आना पड़ेगा, गांव में ही ये सुविधा मिलने लगी है, गांव में लगने लगे है, हेल्थ कैंप, गुरुवार को नहाड़ी में हेल्थ कैंप भी लगाया गया था, जिसमें सीएचएमओ जीसी शर्मा भी नहाड़ी पहुंचे थे। इसके साथ ही गांव में लगातार जिला स्तर के अधिकारियों के पहुंचने से ग्रामीण काफी खुश है। क्यों कि यहां पर पूर्व में कलेक्टर और एसपी भी चौपाल लगा चुके है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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