धमतरी। जिले में खरीफ खेती किसानी के लिए दिनोदिन ऋण लेने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है। पिछले साल से इस साल ऋण लेने वाले 1700 अधिक किसान बढ़े हैं। वहीं 17 करोड़ अधिक ऋण वितरण भी किए गए हैं, जबकि 1849 किसानों पर तीन करोड़ का ऋण बकाया है। ऋण जमा करने किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे किसानों को समितियां कभी भी डिफाल्टर घोषित कर सकती है।

जिले के 74 समितियों से वर्ष 2020-21 में 54,565 किसानों ने खेती किसानी के लिए 174 करोड़ का ऋण लिया था, लेकिन इनमें से 1849 किसानों ने दो करोड़ 99 लाख 39000 रुपये का ऋण नहीं पटाए हैं। जबकि ऋण लेने का यह दूसरा व तीसरा वर्ष है। ऐसे में ये सभी किसान समर्थन मूल्य पर भी अपना धान नहीं बेचे हैं, सिर्फ ऋण लेकर चुप्पी साध ली है। इन किसानों से समितियां ऋण जमा कराने कई कोशिश की, लेकिन ऋण जमा करने इन किसानों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। कर्जमाफी से पहले जिले में करीब 5000 किसान डिफाल्टर की श्रेणी में थे। ऋण माफ होने के बाद इनमें से अधिकांश किसानों ने पुनः ऋण लिया है। ऋण नहीं पटाने वाले अधिकांश किसान इन्हीं किसानों में से है। जिला नोडल अधिकारी प्रहलाद पुरी गोस्वामी ने कहा कि किसानों से ऋण वसूली के लिए समितियां लगी हुई हैं। इस साल लिकिंग खरीदी के माध्यम से ऋण जमा कराया जाएगा। ऋण जमा नहीं करने वाले किसानों को पहले से कई अल्टीमेटम दिया जा चुका है। ऐसा ही रहा तो समितियां इन किसानों को डिफाल्टर घोषित कर सकती है।

ऋण लेने वाले 1700 किसान बढ़े

जिले में 74 प्राथमिक कृषि केन्द्र सहकारी समितियां संचालित हैं। इन समितियों से करीब एक लाख 11 हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं, जो सालों से खेती किसानी करने आर्थिक सहयोग लेने समितियों से जुड़े हैं। धमतरी जिले के अधिकांश किसान ऋण लेकर खेती किसानी करते हैं। इन्ही किसानों में से खरीफ खेती किसानी सीजन वर्ष 2021-22 में जिले के 56280 किसानों ने 191 करोड़ का ऋण लिया है। यह ऋण पिछले साल की तुलना में 17 करोड़ अधिक है और किसानों की संख्या भी 1715 बढ़े हैं। जबकि वर्ष 2020-21 में जिले के 54565 किसानों ने 174 करोड़ का ऋण लिया था। इस तरह इस साल पिछले साल की तुलना में ऋण लेने वाले किसान व ऋण की राशि दोनों अधिक है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनी तो किसानों का ऋण माफ किया गया था। अब विधानसभा चुनाव आने में सिर्फ एक से डेढ़ साल शेष है। इसे देखते हुए भी ज्यादातर किसानों ने अधिक ऋण लिया है। क्योंकि की ऋण माफी के तहत कई किसानों के लाखों रुपये माफ हुआ था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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