धमतरी। समर्थन मूल्य पर खरीदे धान के उठाव के बाद हुए भौतिक सत्यापन में 513 कट्टा धान गायब मिला, इससे सोसाइटी के अधिकारी-कर्मचारी व पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं केन्द्र से धान गायब मिलने के बाद समिति ने यहां कार्यरत 32 हमालों का करीब चार लाख रुपये का भुगतान महीनों से रोक दिया है, इससे आक्रोशित हमालों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर खाद्य विभाग के अधिकारी से मिलकर शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। भुगतान के लिए वे महीनों से शासकीय दफतरों का चक्कर काट रहे हैं, इससे परेशान हो गए हैं।

नगर पंचायत आमदी के मंडी में धान खरीदी केन्द्र संचालित है। यहां हर साल की तरह इस साल भी समर्थन मूल्य पर किसानों के धान की खरीदी की गई। खरीदी बंद होने के बाद धान का उठाव किया गया। इस दौरान खरीदे गए धान व उठाव के धान में काफी अंतर मिला है। उपपंजीयक पीतांबर ठाकुर ने बताया कि खरीदी केन्द्र आमदी में धान उठाव के बाद भौतिक सत्यापन में 513 कट्टा धान गायब मिले हैं, इससे यहां चोरी की आशंका है। शासन के नियमानुसार धान खरीदी के समय हमाल ठेका में स्पष्ट उल्लेख रहता है कि जितना धान खरीदा जाता है, उतना उठाव पर धान मिलना चाहिए, लेकिन नगर पंचायत आमदी में ऐसा नहीं हुआ इसलिए समिति ने हमालों को भुगतान फिलहाल रोक दिया है। गायब धान की कीमत करीब पौने चार लाख रुपये है, इसकी भरपाई अभी नहीं हो पाई है। फिलहाल इस मामले पर खाद्य विभाग की ओर से जांच की जा रही है।

भुगतान की मांग लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे हमाल

धान खरीदी केन्द्र आमदी में काम किए 32 हमाल 22 जुलाई को आटो पर सवार होकर कलेक्टोरेट पहुंचे। हमाल पुरूषोत्तम मरकाम, श्लोक साहू, संजीवन साहू, बाबूलाल साहू, हेमलाल ढीमर, लोकनाथ यादव, मोहित ध्रुव, टिकेश्वर ध्रुव, शीतल पटेल, डोमार पटेल ने बताया कि भुगतान को लेकर वे जिला खाद्य अधिकारी बीके कोर्राम से मिले। उन्होंने उनकी भुगतान के लिए शासन को पत्र भेजने की जानकारी दी है। हमालों का आरोप है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बंद होने महीनों बाद भी उनके मेहनताना का करीब चार लाख रुपये का भुगतान समिति ने नहीं की है। तीन से चार बार कलेक्टोरेट आ चुके हैं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। समिति अध्यक्ष व प्रबंधक उनके कमाई की राशि को सूखत की भरपाई में जमा कर देने की बात कहते हैं। वहीं टेंडर के समय का उनके 50 हजार रुपये भी जमा है। टेंडर के समय स्पष्ट कहा गया था कि 72 घंटे के भीतर धान का उठाव कर लिया जाएगा। विश्वास में हमालों ने यह बात लिखित स्टाम्प में नहीं लिया है, इसलिए हमालों को भुगतान के लिए घुमाया जा रहा है। हमालों ने शासन से शीघ्र राशि की भुगतान करने मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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