धमतरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

नौ दिनों की सेवा के बाद मां अम्बे को भक्तों और श्रद्धालुओं ने भक्तिमय वातावरण में विदाई दी। शहर के चौक-चौराहों और गलियों से डीजे की धुन में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करने भक्तगण नाचते-गाते और देवी गीतों पर थिरकते हुए निकले। जगह-जगह पूजा व आरती हुई। नवमीं पर कई जगह भक्तजनों ने नौ कन्या भोज भी कराया। वहीं नवाखाई की रस्म भी निभाई गई।

शहर व ग्रामीण अंचलों में मां दुर्गा की नौ दिनों तक सेवा करने के बाद 25 अक्टूबर को श्रद्धा व भक्तिपूर्ण माहौल में अंतिम विदाई दी गई। शहर के ज्यादातर दुर्गा समिति के सदस्य दोपहर को डीजे व धुमाल बाजा में नाचते गाते और थिरकते हुए मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित करने ले गए। शहर के सदर मार्ग होते हुए धोबी चौक, बजरंग चौक, कोष्टापारा, मकेश्वर वार्ड,जालमपुर, सदर वार्ड, मराठापारा, बांसपारा समेत विभिन्ना वार्डों में विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन करने सदर बाजार मार्ग से घुमाते हुए ले गए। इस दौरान सदर मार्ग में दोपहर से शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। सुरक्षा की दृष्टि से सदर मार्ग के चौक चौराहों पर पुलिस अधिकारी व जवान तैनात रहे। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करते रहे। वहीं शहरवासियों ने मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान अंतिम दर्शन भी किया। शहर की अधिकांश मां अम्बे की प्रतिमा रुद्री महानदी में विसर्जन किया गया। मां दुर्गा की मूर्तियों को रूद्री बैराज में क्रेन की सहायता से विसर्जित किया गया। विसर्जन के दौरान यहां सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन, प्रशासनिक अधिकारी व नगर निगम टीम मौजूद रही। विसर्जन के दौरान पुलिस वहां पहुंचे लोगों पर नजर रखे हुए थे, ताकि महानदी में कोई अनहोनी न हो। वहीं कोरोना से बचाव व सुरक्षा के लिए लोगों की भीड़ को पुलिस जवान इधर उधर करते रहे, ताकि शारीरिक दूरी का पालन विसर्जन स्थल पर हो सके। लोगों को विसर्जन के दौरान मुंह में मास्क लगाने पुलिस और प्रशासन की टीम अपील करते रहे।

देवी मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे भक्त

नवमीं पर शहर की आराध्य देवी मां विंध्यवासिनी, गंगरेल की मां अंगारमोती सहित शहर के साल्हेवारपारा स्थित दुर्गा मंदिर, मंदर माई मराठापारा, ब्राम्हणपारा व अन्य देवी मंदिरों में भक्त दर्शन करने पहुंचते रहे। शहर व गांवों में कई स्थानों पर नवमीं तिथि पर भी नौ कन्या भोज का आयोजन हुआ। इस दौरान नौ कन्याओं को खीर, पूड़ी खिलाया। पश्चात सबको श्रृंगार सामग्री चूड़ी, माला, बिंदी, नेलपालिश, रूमाल के साथ पैसे व श्रीफल भी दिए गए। इसी तरह अन्य स्थानों में भी नौ कन्या भोज का आयोजन हुआ।

नवाखाई में शामिल हुए परिवार के लोग

शहर व ग्रामीण अंचल में रविवार को नवमीं के अवसर पर कई परिवारों ने नवाखाई की रस्म निभाई। अपने गांव और घरों की देवी देवताओं की पूजा कर एक दिन का उपवास थोड़े और सह परिवार बैठकर पूजा अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया। एक दूसरे से मिलकर हाल चाल भी जाना। नवाखाई पर्व पर परिवार के सदस्य विभिन्ना जगहों से इस रस्म में शामिल होने पहुंचे थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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