धमतरी। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नौ मार्च को अपने कार्यकाल का चौथा वार्षिक बजट पेश किया। इस बजट में सभी वर्गों को ध्यान में रखकर लाभ देने की घोषणा की। बजट में किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं, नौकरी पेशा वालों के साथ-साथ अन्य वर्गों को भी लाभ पहुंचाने की पूरी कोशिश की गई है।

बजट को लेकर किसी ने इसकी प्रशंसा की तो किसी ने इसे छलावा कहा। नईदुनिया ने जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों से चर्चा कर बजट पर प्रतिक्रिया ली।

सर्ववर्ग के लिए हितकारी : विपिन साहू

छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष विपिन साहू ने भूपेश सरकार द्वारा पेश किए गए वार्षिक बजट को सर्ववर्ग के लिए हितकारी बताया। कहा कि यह पहला ऐसा बजट है। जिसमें किसी भी वर्ग को निराश नहीं किया गया बल्कि सभी खुश हैं। भूमिहीन किसानों को पहले छह हजार मिल रहा है उसे सात हजार देने का निर्णय लिया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में भी बढ़ोत्तरी हुई है। पीएससी दिलाने वाले अभ्यर्थियों को अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। महिलाओं, युवाओं, किसानों सभी को आत्मनिर्भर बनने का मौका दिया है।

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बजट से सब खुश : नीशु चंद्राकर

जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीशु चंद्राकर ने कहा कि बजट में महिला समूहों, किसानों, कर्मचारियों, युवाओं के साथ-साथ सभी वर्गों के लिए बजट में प्रावधान रखकर सबको न्याय देने की कोशिश की है। शासकीय अधिवक्ताओं के मानदेय में वृद्धि करना भी दूरदर्शिता की सोच है। मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए बजट में शामिल किया है। अनुसूचित क्षेत्रों में रेत खदानों का संचालन पंचायतों को सौंपा है। एक तरह से पंचायत के अधिकार में विस्तार किया गया है।

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जनता के साथ विश्वासघात करने वाला है बजट : राजेंद्र शर्मा

नगर निगम के पूर्व सभापति राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि भूपेश सरकार द्वारा पेश किया गया बजट आम जनता के साथ विश्वासघात करने वाला बजट है। इस बजट से मात्र प्रक्रियाओं का पालन, दृष्टिगोचरहोता है। पिछले 15 वर्षों में जो विकास, बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली को विकसित करने में दिखती थी, वह सभी योजनाएं धरातल स्थल पर दम तोड़ रही है। सड़कें जर्जर हो गई है। पेयजल की सुगम आपूर्ति बाधित है। स्वास्थ्य, शिक्षा की व्यवस्थाएं चरमरा गई है।

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बजट संतुलित है : आरएन ध्रुव

अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रांताध्यक्ष आरएन ध्रुव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए राज्य सरकार का हृदय से आभार माना। साथ ही कहा कि लंबित महंगाई भत्ता को बजट में शामिल न कर छत्तीसगढ़ के लाखों अधिकारी कर्मचारियों को निराश किया है। घोषणापत्र के अनुरूप अनियमित कर्मचारियों को नियमित नहीं किए जाने से कर्मचारी ठगा महसूस कर रहे हैं।

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पुरानी पेंशन लागू करना क्रांतिकारी कदम : डा. भूषण चंद्राकर

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आज जो बजट पेश की गई उसमें कर्मचारियों के लिए 2004 से बंद हुई है पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू करना कर्मचारी हित में एक क्रांतिकारी कार्य है। इससे कर्मचारियों व उस पर आश्रित परिवार के भविष्य सुरक्षित होगा।

बेरोजगार व विद्यार्थियों के लिए व्यापम एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शुल्क न लेने का निर्णय स्वागत योग्य है। आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय की तर्ज पर हिंदी विद्यालय खोलने का निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के जागरूकता का परिचायक है। गोबर से बनी हुई सूटकेस बजट प्रस्ताव लाना गो संरक्षण के क्षेत्र में सुखद संदेश है। साथ ही साथ जनप्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाकर उन्हें भी सम्मानित किया है। केंद्र के समान महंगाई भत्ता भी दिया जाता तो और अच्छा रहता।

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निराशा जनक बजट : पंडित राजकुमार तिवारी

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित बजट पर पंडित राजकुमार तिवारी ने कहा कि यह बजट लोक लुभावन है। बजट में केवल जनता को लुभाने की बात कही गई है। आम जनता, गरीब मध्यम वर्ग के लिए बजट में कुछ नहीं है। यह बजट वाहवाही लूटने वाला है। आम जनता ने जो सोचा था उसके आधार पर बजट नहीं है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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