धमतरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

अब कांग्रेस और भाजपा से टिकट मांगने वाले पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता टिकट न मिलने पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने से नहीं डरते। क्योंकि दोनों ही राजनीतिक दल पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ने वालों को ससम्मान पार्टी में वापस तो ले ही लेती है, बाद के चुनाव में उन्हें टिकट देकर अधिकृत उम्मीदवार भी बना देती है। कांग्रेस और भाजपा में ऐसे कुछ उदाहरण हैं, जिन्हें देखकर बागी होने वाले लोग निर्दलीय चुनाव लड़ने की प्रेरणा ले रहे हैं। धमतरी शहर में तो महिला मोर्चा की शहर मंडल अध्यक्ष श्यामा बाई साहू रामसागरपारा से और महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष दुर्गा सोनकर रामपुर वार्ड से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। देखना है कि नाम वापसी के आखिरी दिन बगावत का झंडा बुलंद करने वाले कितने लोगों को दोनों पार्टियां मना पाती हैं।

बागी होकर निर्दलीय लड़कर जीते, पार्टी ने दी टिकट

वर्ष 2014 के नगर निगम धमतरी के चुनाव में ब्राह्मणपारा वार्ड के राजेश पाण्डेय, जालमपुर वार्ड से संजय डागौर, महिमासागर वार्ड से दीपक सोनकर, आमापारा वार्ड से शिवओम बैगा नाग, पोस्टऑफिस वार्ड से राजेश ठाकुर ने कांग्रेस से टिकट मांगी। टिकट न मिलने पर इन लोगों ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीता। विधानसभा चुनाव के समय पार्टी ने इन सभी को वापस लिया। अब वर्तमान 2019 के चुनाव में इन सभी को कांग्रेस ने इनके वार्डों से उम्मीदवार बनाया है। जालमपुर वार्ड महिला होने के कारण संजय डागौर को कांग्रेस ने महंत घासीदास वार्ड से टिकट दी है। 2014 के ही चुनाव में भाजपा से टिकट न मिलने के कारण बागी होकर प्रकाश सिन्हा ने मकेश्वर वार्ड से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उन्होंने जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव में उनकी भी घर वापसी हो गई। अब भाजपा ने इस चुनाव में उन्हें मकेश्वर वार्ड से टिकट दी है।

बगावत कर निर्दलीय लड़कर हारने वालों को भी मिलती है टिकट

इस समय कांग्रेस और भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भरने वाले लोग बखूबी जानते हैं कि उनकी पार्टियां बगावत करने वालों को पार्टी से बाहर करती है। कुछ समय बाद फिर से घर वापसी हो जाती है। यहां तक कि बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़कर हारने वाले लोगों को अधिकृत उम्मीदवार बनाकर भाजपा और कांग्रेस टिकट दे देती है। वर्ष 2014 के चुनाव में पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड से अवैश हाशमी ने कांग्रेस से बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चुनाव में वे हार गए। उनके वोट काटने के कारण कांग्रेस के प्रत्याशी भी हार गए। इसके बावजूद अब उन्हें कांग्रेस ने नवागांव वार्ड से अपना उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2009 के चुनाव में पोस्टऑफिस वार्ड से टिकट न मिलने के कारण विजय ठाकुर ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा था। निर्दलीय चुनाव लड़कर उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। उस समय भाजपा के उम्मीदवार भूषण शार्दुल इस वार्ड से जीते थे। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने विजय ठाकुर को पोस्टऑफिस वार्ड से अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। पूर्व में सोरिद वार्ड से भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव जीतने वाले दयाशंकर सोनी को इस बार भाजपा ने डाकबंगला वार्ड से अपना उम्मीदवार बनाया है।

पिछले चुनाव में हारने वालों पर लगाया दांव

धमतरी शहर के कुछ वार्ड ऐसे हैं, जहां पिछला चुनाव हारने वाले लोगों पर दोनों पार्टियों ने दांव लगाया है। चुनाव हार चुके लोगों को दोबारा टिकट दी गई है। आमापारा वार्ड से वर्ष 2014 के चुनाव में विजय मोटवानी पराजित हुए थे। भाजपा ने 2019 के चुनाव में उन्हें इसी वार्ड से मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने सदर दक्षिण वार्ड से केन्द्र कुमार पेंदरिया, बनियापारा वार्ड से ममता शर्मा, बठेना वार्ड से युवराज ध्रुव, लालबगीचा वार्ड से राममूर्ति ग्वाल को टिकट दी है। ए लोग पिछला चुनाव हार गए थे।

पूर्व पार्षदों को भी दी गई टिकट

वर्ष 2014 में चुनाव जीतकर पार्षद बने कांग्रेस के अनुराग मसीह फिर से इस बार के चुनाव में टिकरापारा वार्ड से टिकट दी गई है। भाजपा की पार्षद सरिता यादव को पुनः बनियापारा वार्ड से मैदान में उतारा गया है। रामसागरपारा वार्ड के पार्षद राजेन्द्र शर्मा को आम्बेडकर वार्ड और शीतलापारा वार्ड के पार्षद वेदराम मारकंडे को सुभाषनगर वार्ड से भाजपा ने टिकट दी है। हटकेशर वार्ड के पूर्व पार्षद विजय देवांगन को सुभाषनगर वार्ड, डाकबंगला वार्ड के पूर्व पार्षद पवन लिखी को रिसाईपारा पूर्व वार्ड से कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। ब्राह्मणपारा वार्ड के पूर्व पार्षद एवं पूर्व नपाध्यक्ष डॉ. एनपी गुप्ता इस बार इसी वार्ड से चुनाव मैदान में हैं। सदर उत्तर वार्ड की पूर्व पार्षद नीलू डागा भाजपा ने इसी वार्ड से इस बार टिकट दी है। बठेना वार्ड के पूर्व पार्षद श्यामलाल नेताम को भाजपा ने फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है। रामसागरपारा व नयापारा वार्ड की पूर्व पार्षद चित्ररेखा निर्मलकर को नयापारा वार्ड से भाजपा ने टिकट दी है।

हर बार इन्हीं लोगों को क्यों मौका देती है पार्टी

भाजपा के अंदर इन दिनों खलबली मची हुई है। पार्टी से बगावत कर 10 से अधिक वार्डों में टिकट कटने पर पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भरा है। इन लोगों का कहना है कि हर बार कुछ गिने-चुने लोगों को ही पार्टी टिकट देती है। भाजपा से वर्तमान में चुनाव लड़ रहे कुछ लोग तो ऐसे हैं, जो पार्षद रहने के अलावा एल्डरमेन भी बन चुके हैं। फिर भी उन्हें पार्टी ने टिकट दे दी है। कुछ उम्मीदवार तो ऐसे हैं, जो दो बार से अधिक पार्षद चुनाव लड़ चुके हैं। चित्ररेखा निर्मलकर को पार्टी ने चौथी बार टिकट दी है। एक बार वे एल्डरमैन भी रह चुकी हैं। वेदराम मारकंडे को भाजपा ने तीसरी बार मैदान में उतारा है। वे एक बार एल्डरमेन भी रह चुके हैं। विजय ठाकुर एक बार पार्षद और एक बार एल्डरमैन रह चुके हैं। डॉ.एनपी गुप्ता दो बार नगरपालिका अध्यक्ष रह चुके हैं।

पदाधिकारियों को बगावत करनी पड़ी

कांग्रेस और भाजपा में टिकट वितरण के बाद कितना असंतोष है, इस बात का अंदाजा पदाधिकारियों की बगावत को देखकर लगाया जा सकता है। टिकट मांगने वाले आम कार्यकर्ता तो टिकट न मिलने पर बागी होकर चुनाव लड़ ही रहे हैं, प्रमुख पदाधिकारी भी अपने पद को ठोकर मारकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए मैदान में कूद पड़े हैं। भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्यामाबाई साहू टिकट न मिलने से इतनी नाराज है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भर लिया है। रामपुर वार्ड से महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष दुर्गा सोनकर को टिकट नहीं दी गई। यहां से एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष राजा देवांगन को टिकट दी गई है। इससे नाराज होकर दुर्गा सोनकर ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भर दिया है। पूर्व पार्षद नवीन टंडन ने टिकट न मिलने पर पार्टी से बगावत कर डाकबंगला वार्ड से निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भरा है। रामसागरपारा वार्ड के पूर्व पार्षद सुदेश दीवान ने भी अंबेडकर वार्ड से टिकट न मिलने पर निर्दलीय पर्चा भर दिया है। पिछले चुनाव में भी उन्होंने रामसागरपारा वार्ड से बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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