धमतरी। बागवानी को लेकर लोगों में रुचि बढ़ने लगी है, यही वजह है कि शहर व गांव में तेजी के साथ फूल पौधों का कारोबार भी बढ़ने लगा है। शहर में पहले इक्का-दुक्का जगहों पर ही फूलों की बिक्री होती थी, अब कई चौक-चौराहों पर आकर्षक फूलों के पौधों की बिक्री होते हुए देखा जा सकता है।

शीत ऋतु में फूलों की नई-नई वैराइटी आने के कारण इसकी बिक्री बढ़ गई है। शहर के कई स्थानों में खुली नर्सरियों में लोगों को बागवानी सजाने तरह-तरह के फूलों के पौधों को खरीदते देखा जा सकता है। गेंदा, सेवंती, गुलाब, डहेलिया, पेंजी, पिटुनिया, झरबेरा की डिमांड ज्यादा है।

शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से पहुंच रहे अधिकांश लोग मनभवन फूलों के पौधे खरीद रहे हैं। शीत ऋतु में बिक्री ज्यादा होती है। पांच से 100 रुपये के भीतर हर सीजन के हिसाब से फूल व सजावटी पत्तेदार पौधे नर्सरी में मिल जाते हैं। फूल विक्रेता सुखदीप पात्रा ने बताया कि गेंदा, सेवंती, गुलाब, डहेलिया, पेंजी, पिटुनिया, झरवेरा आदि की मांग विशेष तौर से ज्यादा है। विभिन्ना नर्सरियों से इन दिनों सीजनल पौधों की खास डिमांड है।

शहर में फूल पौधों का व्यवसाय 15 लाख को पार कर गया है। फूल विक्रेता विनोद कुमार ठाकुर ने बताया कि फूल व पत्तेदार पौधों की कई वैराटियां नर्सरियों में फूलों की कई वैराटियां हैं। गुलाब मोंगरा के साथ ही कैरिना, जीनिया, कैलेंडुला, डहेलिया, गेंदा, ब्रिटानिया पंचकूला, बांबे मोंगरा, वेंडुला, गुल चांदनी, कैबेज सरिया बटमीना को लोग पसंद कर रहे हैं।

फलदार पौधों में नारियल, सुपारी, काला जाम, आम, चीकू, लीची, संतरा, मौसंबी, नींबू, लौंग, नाशपाती, बेर, अनार का पौधा भी इन दिनों बिक रहा है। फूलों के साथ आकर्षक पत्तियों के पौधे भी घर में एक अलग लुक प्रदान करते हैं। सजावटी पत्तों में क्रिसमस विद्यापत्ती, हाईक्स, एरिकापाम, बाटलपाम, डेसिना, क्रोटोन के पौधे पसंद किए जा रहे है। गुलाब की किस्म टोटोरोज, हिमलोटा को बाहर से मंगाना पड़ता है।

राजधानी रायपुर में ही अब इसकी फसल संभव हो पाई है। कुछ साल तक कोलकाता एवं बैंगलुर से गुलाब के किस्मों को मंगाया जाता था परंतु ग्राहकों की संख्या को देखते हुए प्रदेश के कई स्थानों में गुलाब की खेती शुरू हो गई है। विदेशी फूलों में डेंथरास, कैलेनडूला, सैफेलोरा, गैजेनिया, की मांग ज्यादा है। शो-प्लांट में एरिया पाम, लैटिना लुबा, फोनिक्स पाम भी बगीचों की खूबसूरती बढ़ा रही है।

जिले के 45 एकड़ में हो रही फूलों की खेती

उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक डीएस कुशवाहा ने बताया कि फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रयास चल रहा है वर्तमान में धमतरी जिले में लगभग 45 एकड़ में फूलों की खेती हो रही है। धमतरी जिले की धमतरी ब्लाक कुरुद नगरी और मगरलोड ब्लाक में किसानों को गेंदा, केवड़ा, रजनीगंधा सहित अन्य फूलों के बीजों का वितरण किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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