धमतरी। धमतरी शहर में शुक्रवार एक जुलाई को श्रद्धा और उल्लास के साथ रथयात्रा निकाली गई। रथ में भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा को विराजित किया गया।

इसके बाद रथयात्रा निकली। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ भगवान जगन्नाथ का रथ खींचा। रथ यात्रा को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। रास्ते भर लोगों को गजामूंग का प्रसाद बांटा गया। गौरीशंकर सेवा समिति द्वारा मठ मदिर चौक के पास, प्रेम प्रकाश आश्रम द्वारा घड़ी चौक पेट्रोल पंप के सामने व अन्य स्थानों में लोगों द्वारा प्रसाद का वितरण किया गया।

मठ मंदिर चौक स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की पंडित बालकृष्ण शर्मा, गोविंद शर्मा और गौरव शर्मा की अगुवाई में दोपहर मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान से पूजा-अर्चना शुरू हुई।

सबसे पहले मंदिर के गर्भ गृह से तीनों देवी देवताओं को बाहर निकाला गया। विधिवत श्रृंगार करने के पश्चात सभी देवी देवताओं की महाआरती की गई।

पश्चात तीनों देवी -देवताओं को रथ में विराजित किया गया। इसके बाद रथ यात्रा प्रारंभ हुई। रथयात्रा मठ मंदिर जगदीश मंदिर से प्रारंभ होकर सदर मार्ग, गणेश चौक होते हुए विंध्यवासिनी वार्ड स्थित गोशाला (जनकपुर )पहुंची। रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भगवान के रथ को खींचने के लिए होड़ लगी रही।

बारी-बारी से लोगों ने रथ को खींचा। शास्त्रों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने से जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। इस मान्यता के चलते लोगों में भगवान के रथ को खींचने के लिए होड़ लगी रहती है।

मठ मंदिर चौक से लेकर गोशाला (जनकपुर) तक के डेढ़ किलोमीटर के फासले को पूरा करने में रथ को लगभग तीन घंटे का समय लग गया। रथ यात्रा के साथ ही साथ रथ में सवार मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं को गजामूंग का प्रसाद भी बांटा जा रहा था।

रोड किनारे बने घरों से लोग रस्सियों में कपड़ा बांधकर रथ तक कपड़ा उछालते रहे। रथ में सवार लोगों ने कपड़े में प्रसाद बांधकर इसे लौटाया।

मठ मंदिर चौक से लेकर सदर मार्ग में कई स्थानों पर यह नजारा देखने को मिला। रथयात्रा के सामने भक्तों की टोली वाद्य यंत्रों के साथ भजन गाते हुए चल रही थी, जिससे माहौल भक्ति पूर्ण हो गया। पूरे रास्ते भर जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ का जयघोष गूंजता रहा।

रथयात्रा महोत्सव में पहुंचे श्रद्धालुओं को शहर के अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने पोहा, शर्बत का वितरण किया। जगदीश मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डा हीरा महावर ने बताया कि शहर के अलावा दूर दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को 11 क्विंटल प्रसाद गजामूंग का प्रसाद बांटा गया। गोशाला (जनकपुर) से 11जुलाई को रथ यात्रा की वापसी होगी।

सुरक्षा की रही कड़ी व्यवस्था

रथयात्रा के दौरान शहर में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही। धक्का मुक्की और छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से भीड़ के बीच में सादी वर्दी में पुलिस के जवान तैनात थे।

इसके अलावा पेट्रोलिंग गाड़ी ने घूम-घूम कर स्थिति का जायजा लिया। रथयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 200 पुलिस कर्मचारियों की अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी लगाई गई थी।

कलेक्टर, एसपी और विधायक ने की पूजा

रथ यात्रा प्रारंभ होने के पूर्व भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र व माता सुभद्रा का धमतरी विधायक रंजना साहू, कलेक्टर पीएस एल्मा, एसपी प्रशांत ठाकुर, महापौर विजय देवांगन ने आरती की। इसके बाद रथ यात्रा प्रारंभ हुई।

इस अवसर पर पंडित गोविंद प्रसाद शर्मा, पंडित बब्बल शर्मा, पंडित संजय कुमार शर्मा, गौरव प्रसाद शर्मा, बिहारी लाल अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, प्रितेश गांधी, संजय अग्रवाल, विनोद कुमार अग्रवाल, दिनेश कुमार, मंदिर समिति अध्यक्ष डा हीरा महावर, सचिव किरण गांधी, गोपाल शर्मा, मदन मोहन खंडेलवाल, भरत सोनी, लखु भानुशाली, अजय अग्रवाल, बिहारी अग्रवाल, संजय अग्रवाल, दिनेश अंबानी, मोहन अग्रवाल, सुरेश गुप्ता, आनंद पवार, प्रितेश गांधी, महेंद्र पंडित, राजेन्द्र शर्मा, डिपेंद्र साहू, विजय मोटवानी, विक्रांत शर्मा, महेंद्र खंडेलवाल, कुलेश सोनी, संजय डागौर, सूरज गहरवल, गोलू शर्मा, निर्मल बरड़िया, आकाश गोलछा राकेश चंदवानी, गिरिराज महाराज, विजीत सोनी, मुरलीधर अग्रवाल, कावेरी पदमशाली, विनोद अग्रवाल, सावित्री अग्रवाल, दिलीप राज सोनी, शिलोदिया गुरुजी, रामानंद गुप्ता, दिलीप सोनी, श्रीराम शर्मा, सुबोध सिंह ठाकुर, भरत सोनी सहित सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

खूब बिके आम

शहर में रथयात्रा महोत्सव देखने के लिए शहरवासियों के अलावा आसपास के गांव से भी काफी से के गांव से भी काफी तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं। रथ यात्रा से लौटते समय ग्रामीण अपने साथ आम ले जाना नहीं भूलते ऐसा माना जाता है कि गर्मी सीजन से शुरू हुआ आम का मौसम रथ यात्रा तक आते-आते तक समाप्त हो जाता है।

लोग अंतिम बार आम खाने रथ यात्रा के गजामूंग प्रसाद के साथ ही साथ आम को भी खरीदना नहीं भूलते। जानकारी के अनुसार शहर में इस दिन हर साल लगभग लगभग तीन टन आम की बिक्री हो जाती है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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