धमतरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

हाई कोर्ट के आदेश के बाद धमतरी जिले के सभी रेत खदानें बंद हो गई हैं। इसके बाद राज्य शासन ने भरारी और मुड़पार की रेत उत्खनन में उत्खनन की स्वीकृति दी। मानव श्रम से उत्खनन कराने की स्वीकृति मिली, लेकिन यहां राजधानी रायपुर का एक नेता खुलेआम चार जेसीबी मशीन लगाकर उत्खनन करवा रहा है। पंचायत ने खदानें ठेके पर दे दिया है। इस समय जिले की अन्य खदानें बंद हैं, इसलिये भरारी में प्रतिदिन 500 से अधिक हाईवा पहुंच रहे हैं। ज्यादातर हाईवा रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और आसपास के जिले से आते हैं। खदान चलाने वाले प्रति हाईवा 3000 रुपये शुल्क ले रहे हैं। हाईवा वाले यही रेत रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव में सप्लाई कर 10 से 15 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं।

राजनीतिक संरक्षण मिलने से हौसले बुलंद

रेत खदान चलाने वाले लोगों में ज्यादातर विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता हैं। राजनीतिक संरक्षण के चलते वे खदानों में नियम कायदे तोड़कर रेत का उत्खनन कर रहे हैं। उनके लिये सुप्रीम कोर्ट का निर्देश और पर्यावरण बोर्ड की गाइड लाइन कोई मायने नहीं रखती। उनकी पहुंच के चलते खनिज विभाग भी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। सिर्फ दिखावे की कार्रवाई हो रही है। इन दिनों मुनाफा कमाने के चक्कर में 10 घनमीटर रेत की लोडिंग की बजाय 15 घनमीटर तक रेत लोड कर भेजे जा रहे हैं। सुबह छह से शाम छह बजे तक रेत उत्खनन की अनुमति है, लेकिन दिन-रात उत्खनन हो रहा है।

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