धमतरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

जबर हरेली रैली में शामिल युवक-युवतियां व लोग रास्तेभर डीजे, बाजे-गाजे, बांसुरी की धुन और बारहमासी त्योहारों की गीतों पर थिरकते रहे। अखाड़ा समितियों के युवक करतब दिखाते रहे। पंथी नृत्य करने वाले समिति के कलाकारों ने तरह-तरह की झांकियों की प्रस्तुति देकर राहगीरों और शहरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जबर हरेली रैली में कई तरह की प्रस्तुतियों ने हर वर्ग को देखने मजबूर कर दिया। जबर हरेली रैली के दूसरे वर्ष का यह आयोजन काफी आकर्षक रहा।

पारंपरिक हरेली त्योहार के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़यिा क्रान्ति सेना के तत्वावधान में शहर में 21 जुलाई रविवार को जबर हरेली रैली आकर्षक अंदाज में निकाली गई। यह रैली पुरानी मंडी से निकाली गई, जिसमें जिलेभर के युवक-युवतियां व लोग शामिल हुए। रैली में आठ डीजे, बैलगाड़ी जुलूस, कई नर्तक दल, अखाड़ा समितियों के लोग और पंथी नृत्य समितियों के कलाकार रैली में अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चल रहे थे। छत्तीसगढ़ के बारहमासी त्यौहारों पर चलने वाले गीत, नृत्य की प्रस्तुति पर करीब पौन किलोमीटर लंबी रैली में लोग थिरक रहे थे। युवा वर्ग हाथ में डंडा लेकर राउत नाचा के अंदाज में जमकर थिरकते रहे। इस आकर्षक जबर हरेली रैली को देखने सड़क पर राहगीर और शहरवासियों की जगह-जगह भीड़ लगी रही। सदर रोड में युवतियां, महिलाएं व लोग अपने-अपने घरों के छत पर निकलकर इस मनमोहक नजारे को देखने से नहीं चूके। रैली में बस्तरिया नृत्य, गेड़ी नृत्य, राऊत नाचा, होली पर्व का डंडा नृत्य, दीवाली त्योहार के करमा-ददरिया व सुआ नृत्य, पंथी नृत्य, अखाड़ा के करतबों की प्रस्तुति कलाकार रास्तेभर देते रहे। रैली पुरानी मंडी से होते हुए सिहावा चौक, घड़ी चौक, सदर रोड, मठमंदिर चौक, विंध्यवासिनी मंदिर से होते हुए एकलव्य खेल मैदान पर पहुंची, जहां रैली का समापन हुआ। रैली ने खेल मैदान में सभा का रूप लिया, जहां समिति के सदस्यों का उद्बोधन हुआ। कुछ नर्तक दलों और समितियों ने अपने-अपने कला व करतबों की प्रस्तुति दी। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई। इस कार्यक्रम में सभी वर्ग के लोग शामिल हुए। जबर हरेली रैली के दौरान पुलिस अधिकारी व जवान जगह-जगह सुरक्षा के मद्देनजर तैनात रहे। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए कुछ स्थानों पर चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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