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- चार बार मुद्दा उठाने के बावजूद जल संसाधन विभाग ने नहीं दी जानकारी

- सामान्य सभा की बैठक में छाया रहा मुद्दा, फर्जी शिक्षाकर्मियों का मामला भी उठा

- जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारी को लगाई फटकार

फोटो : 12 डीएचए 15

कैप्शन : सामान्य सभा की बैठक में शामिल जनप्रतिनिधि व अधिकारी।

धमतरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

गहमा-गहमी के माहौल में जिला पंचायत धमतरी की सामान्य सभा की बैठक 11 सितंबर बुधवार को हुई, जिसमें गंगरेल बांध में बोटिंग कराने वाली कंपनी द्वारा लाभांश का 25 प्रतिशत जमा नहीं करने और 46 फर्जी शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त करने का मुद्दा छाया रहा।

जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक सात के सदस्य नीशू चंद्राकर ने जल संसाधन विभाग के कोर्ट क्रमांक 38 को घेरते हुए सवाल किया कि गंगरेल बांध वोटिंग का ठेका अहमदाबाद की कंपनी को दिया गया है। करार के मुताबिक कंपनी को लाभांश का 25 प्रतिशत जल संसाधन विभाग को देना है। लेकिन कंपनी ने डेढ़-दो साल से राशि जमा नहीं की है। फिर भी ठेके पर बोटिंग हो रही है। बोटिंग के टेंडर को कैंसल क्यों नहीं किया जा रहा है। चंद्राकर ने आक्रोश जताते हुए कहा कि चार बैठकों में यह सवाल उठा चुका हूं, लेकिन अधिकारी जवाब नहीं दे रहे हैं। यह मामला संज्ञान में आने के बाद जिला पंचायत के सीईओ विजय दयाराम के ने नाराजगी जताते हुए अधिकारी को फटकार लगाई। अधिकारी में दो दिन में जानकारी देने की बात कही है। तब चंद्राकर ने कहा कि एक हफ्ते में जानकारी नहीं मिली तो कलेक्टोरेट का घेराव कर कलेक्टर के समक्ष सारी बातें रखूंगा। चंद्राकर ने कहा जिस दिन से निर्वाचित हुआ हूं उस दिन से लगातार कोलियारी, दोनर से झुरानवागांव तक की सड़क को बनाने की मांग उठा रहा हूं। पदयात्रा कर कलेक्टोरेट का घेराव कर चुका हूं। बीजेपी सरकार के समय ना सरकार ने ध्यान दिया और ना ही अधिकारियों ने। अब किसान पुत्र भूपेश बघेल की सरकार आ गई है। मुझे बताएं इस्टीमेट बना है या नहीं और क्या हो रहा है। इस पर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने कहा कि स्टीमेट बनाकर भेज दिए हैं। तब चंद्राकर ने कहा कि स्टीमेट की एक कॉपी मुझे भी उपलब्ध कराएं। मैं मुख्यमंत्री भूपेश दाऊ और पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू से मुलाकात कर उनसे चर्चा कर निवेदन करूंगा। चंद्राकर ने सहकारिता विभाग को आड़े हाथ लेते हुए सोसायटियों के परिसीमन को किसानों के हित में करने कहा। उन्होंने कहा कि परिसीमन में अगर परिवर्तन हो रहा है तो किसानों को पास की किसी सोसाइटी में जोड़ा जाए। उनकी सुविधा को देखते हैं परिसीमन किया जाए, ताकि उन्हें धान बेचने के लिए तकलीफ ना हो। चंद्राकर ने कहा कि रामपुर में सेतु निगम ने पुल का निर्माण किया है। आजू बाजू पिचिंग के कार्य में मिट्टी डाली गई है जो बारिश में बह गई है। इसलिए सही निर्माण कराया जाए। कल्ले, सिर्वे, अंवरी रोड का पुल सही नहीं बना है। संबंधित ठेकेदार से मरम्मत करवाई जाए। ग्राम पंचायत कलारतराई के आश्रित ग्राम बंजारी के माता तालाब को निस्तारी के लिए रखने की मांग ग्रामीणों ने की है। कोलियारी के तालाब को भी ग्रामीण निस्तारी के लिए रखना चाहते हैं। फिर मछलीपालन के लिए लीज पर क्यों दिया गया। तब संबंधित अधिकारी ने कहा कि कलेक्टर के आदेश पर ऐसा किया गया है।

शिक्षाकर्मी फर्जीवाड़ा का मामला जोरशोर से उठा

जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने सामान्य सभा की बैठक में भखारा से सिलघट पहुंच मार्ग में हुए घटिया निर्माण की शिकायत की। कहा कि निर्माण के छह माह में ही डामरीकरण उखड़ गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग को हैंडओवर हुए सिर्फ छह माह हुए है। निर्माण करने वाले ठेकेदार से सड़क का पुनः डामरीकरण करवाया जाए। नीलम चंद्राकर ने कहा कि वर्ष 2005 में जिला पंचायत कार्यालय में शिक्षाकर्मी वर्ग दो की भर्ती में भारी फर्जीवाड़ा हुआ है। 46 शिक्षाकर्मियों के दस्तावेज फर्जी है। इन शिक्षाकर्मियों को तत्काल बर्खास्त कर पुलिस कार्रवाई की जाए। कुरूद नगर में छह करोड़ की लागत से निर्मित स्टेडियम का दरवाजा एक निजी स्कूल की तरफ खोल दिया गया है, जिसे तत्काल बंद किया जाए। साथ ही पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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