विघ्नहर्ता की विदाई अवसर पर गूंजा उद्घोष

पंडालों में हवन-पूजन, मूर्तियों का विसर्जन

फोटो : 12 डीएचए 22

कैप्शन-गणेश पंडाल में हवन पूजन करते लोग।

धमतरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

विघ्नहर्ता भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन गुरुवार 12 सितम्बर से शुरू हो गया। गणेश पंडाल में हवन पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की गई। 13 सितम्बर को भी गणेश मूर्तियों का विसर्जन होगा। शहर के तीन तालाबों के पास निगम ने विसर्जन के लिए मूर्तियों को एकत्र किया। रुद्री बैराज में बड़ी मूर्तियों को क्रेन की सहायता से महानदी में विसर्जित किया गया।

शहर और अंचल गणेश उत्सव की धूम रही। 11 दिवसीय आयोजन के बाद अब मूर्तियों के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। 12 सितम्बर गुरुवार को सुबह से ही गणेश पंडालों में हवन पूजन शुरू हो गया। पूजन के बाद विसर्जन क्रम चल पड़ा। धमतरी शहर के 40 वार्डों में स्थापित सभी गणेश पंडालों में हवन पूजन के बाद मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में मूर्तियों का विसर्जन होगा। आमापारा वार्ड में हवन पूजन कर रहे सत्यम गणेश उत्सव समिति के समिति के सदस्य शैलेन्द्र नाग,्र उमेश नाग ने बताया कि वे 15 सालों से गणेश की मूर्ति स्थापित करते आ रहे हैं। हवन - पूजन के बाद मूर्ति का विसर्जन किया गया। लंबोदर महाराज की मूर्तियां का विसर्जन शाम तक चलता रहा। अंबेडकर चौक के रास्ते रुद्री बैराज व गंगरेल जाने दिनभर लोगों की आवाजाही लगी रही। शहर व गांव में उल्लास पूर्ण माहौल रहा।्र सुबह से लेकर शाम तक तक बैण्डबाजा, धुमाल और डीजे की धुन पर्र मूर्तियां विसर्जन के लिए लोग वाहनों में जाते दिखे। रुद्री बैराज में मूर्तियां विसर्जन करने वालों की भीड़ लगी रही। शहर में होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान उन्माद में अक्सर अप्रिय स्थिति बन जाती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की व्यवस्था कड़ी रखी जाती है। इसके चलते रुद्री बैराज के अलावा अन्य स्थानों में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था रही।

तीन स्थानों पर एकत्रित की गई छोटी मूर्तियां

शासन के निर्देश पर शहर में स्थित सभी तालाबों में गणेश व अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों के विसर्जन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नगर निगम के सहयोग से मूर्तियां एकत्रित करने की व्यवस्था बनाई है। इसके तहत नगर निगम क्षेत्र के आमापारा वार्ड के बनिया तालाब, डॉ भीमराव अंबेडकर वार्ड के आमा तालाब व शहर के साल्हेवार पारा वार्ड के शीतला तालाब के पास बकायदा पंडाल लगाकर छोटी मूर्तियां एकत्रित की गई। इसके बाद सभी मूर्तियों को रुद्री बैराज महानदी में विसर्जित किया गया। शुक्रवार को भी मूर्तियां एकत्र कर विसर्जित की जाएगी।

सभी का सहयोग जरूरी : महापौर

नगर निगम की महापौर अर्चना चौबे ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार मूर्तियों को एकत्रित कर रुद्री बैराज में विसर्जित किया जाएगा। इसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है।

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