धमतरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

आश्रित ग्राम खपरी को स्वतंत्र पंचायत बनाने की मांग लेकर ग्रामीण कर रहे हैं। कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्वतंत्र पंचायत बनाने की गुहार लगाई है, ताकि गांव का विकास हो सके।

कुरूद ब्लॉक के ग्राम पंचायत जरवायडीह के आश्रित ग्राम खपरी के ग्रामीण बसपा के जिलाध्यक्ष आशीष रात्‌रे की अगुवाई में पिछले दिनों कलेक्टोरेट पहुंचे। कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर ग्राम खपरी को स्वतंत्र पंचायत बनाने की मांग की। ग्रामीण इतवारी राम बघेल, जयचंद बघेल, राजेन्द्र कुमार डिगरे, मनोहर राम, कलीराम आदि ने बताया कि आश्रित गांव होने के कारण गांव का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है। मनरेगा कार्य में भी मजदूरों को संतोषजनक मजदूरी नहीं मिल पाती। अधिकांश कार्य ग्राम पंचायत के लिए स्वीकृत होता है, ऐसे में आश्रित गांव होने के कारण यहां कई जरूरी सुविधाएं भी नहीं है। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए मुंह ताकना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुरूद ब्लॉक में पांच नए ग्राम पंचायतों का गठन हुआ है, जहां जनसंख्या कम है। फिर भी इन गांवों को पंचायत का दर्जा दिया गया है। शासन ग्राम खपरी को भी स्वतंत्र पंचायत का दर्जा दें, ताकि गांव में पर्याप्त विकास कार्य हो सके। यहां के ग्रामीणों को सरपंच व पंच बनने का मौका मिल सके। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम खपरी की जनसंख्या 883 है, जो वर्तमान में करीब 1000 हो चुकी हैं। इसलिए खपरी को भी ग्राम पंचायत बनाया जाना चाहिए। यह गांव अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति बाहुल्य है। जिस प्रकार कुरूद ब्लाक में पांच आश्रित गांवों को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है, उसी तरह खपरी को भी दर्जा दिया जाए।

--

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना