धमतरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। फिजूल खर्ची पर रोक लगाने अंजुमन इस्लामियां कमेटी ने जैनब पैलेस में इज्तेमाई शादी का आयोजन किया। यहां विभिन्ना जिलों के 35 जोड़ों ने एक साथ निकाह कबूल कर जिंदगी की नई शुरुआत की। इन जोड़ों को शादी स्थल पर आशीर्वाद देने समाज व अन्य समाज से पहुंचे लोगों के हजारों हाथ उठे। अंजुमन इस्लामियां कमेटी के जैनब पैलेस में 15 जनवरी को आयोजित इज्तेमाई शादी में खास बात रही कि यहां ढोल बजे न कोई तामझाम हुई।

बारात निकली न कोई घोड़ी चढ़ा। अनावश्यक खर्च वाला कोई भी काम इस शादी में देखने को नहीं मिला। सादगी के साथ इज्तेमाई शादी में 35 जोड़े एक-दूसरे के हुए। शादी में दूल्हा-दुल्हन को जरूरत की सामाग्री तोहफे के रूप में प्रदान किया गया। सभी जोड़ों को निकाह शहर की चारों मस्जिद के इमाम ने पढ़ाया। दूल्हा-दुल्हन के बीच आपसी मोहब्बत हमेशा बनी रहने व जिंदगी खुशियों से आबाद रहने की दुआ की गई।

शादी को सफल बनाने में अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अध्यक्ष हाजी नसीम अहमद, नायब सदर हाजी हसरत अली, सेक्रेटरी अब्दुल हकीम, हनफिया मस्जिद के सदर हाजी सलाम खत्री, गरीब नवाज मस्जिद के सदर सैयद नवाब अली, मदीना मस्जिद के सदर सैय्यद आसिफ अली, मो शब्बीर, जमील अहमद, हाजी अब्दुल हमीद, इमरान मेमन, असलम अशरफी, इकबाल खोकर, मुख्तार अशरफी, हाजी बशीर अहमद, मोहम्मद निसार, राजू मोबिन, असलम खान आदि का योगदान रहा।

अंजुमन इस्लामियां कमेटी की ओर से 35 जोड़ों के जो गवाह बने उनमें हाजी इकबाल रोकड़िया, मो हारून मेमन, सैय्यद इकबाल, वाजिब खान राजू चिश्ती, मकसूद खान, एमए फहीम, नूर मोहम्मद, शब्बीर खान, सैय्यद फिरोज अली, मुकीम अहमद खान, मो अकबर खान, मो सलीम, सादिक हुसैन, हाजी रफीक भाई शामिल हैं।

अंजुमन अध्यक्ष की पहल को लोगों ने सराहा

अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अध्यक्ष हाजी नसीम अहमद की सदारत में शादी का दूसरा प्रोग्राम हुआ है। पिछले साल 20 जोड़ों का निकाह हुआ था। दोनों साल परिचय सम्मेलन का भी आयोजन किया गया ताकि समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके। हाजी दिलावर रोकड़िया, शकील अहमद, आजम निर्बान, वसीम कुरैशी, हाजी अख्तर गोड़, नौशाद खान, हनीफ अहमद ने कहा कि इस समय सभी समाज में शादियां महंगी हो गई है। लोग शादियों में लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं जबकि समाज में ऐसे लोग भी रहते हैं, जो इस सोच में डूबे रहते हैं कि अपने बेटे-बेटियों की शादी के लिए खर्च का इंतजाम कहां से करेंगे। ऐसे लोगों के लिए इज्तेमाई निकाह का कार्यक्रम काबिले तारीफ है। अंजुमन अध्यक्ष की यह पहल सराहनीय है।

प्रदेशभर के लोग हुए शामिल

इज्तेमाई शादी सम्मेलन में दूल्हा-दुल्हन धमतरी के अलावा जगदलपुर, महासमुंद, घुटकेल, विश्रामपुरी, राजनांदगांव, बगौद, भाटापारा, मगरलोड, अछोटा, केशकाल, नारायणपुर, रायपुर, बोरेन्दा, खिसोरा, छुही, मानपुर, पाटन, दुर्ग, भरदा, दल्लीराजहरा, मोहला मानपुर, डोंगरगढ़, मचांदूर, धनेलीकान्हार, पेंडरवानी, पिथौरा, चारामा, कोटमी, पेंड्रा, कुसुमकुंडा, कोरबा, सुपेला, हसदा, अमेठी, गिर्रिहटोला, पिनकापार कुर्रा के थे। वर-वधू पक्ष के रिश्तेदार अन्य प्रदेशों से भी आए थे। सभी के लिए भोजन की व्यवस्था अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष हाजी नसीम अहमद की ओर से किया गया था।

सामूहिक विवाह बेहतर : हाजी नसीम अहमद

अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अध्यक्ष हाजी नसीम अहमद ने कहा कि शादी हो या अन्य कार्यक्रम लोगों को अनावश्यक खर्चे से बचना जरूरी है। समाज को अपना पूरा फोकस शिक्षा पर करना चाहिए। शिक्षित समाज देश के विकास में अपना अहम योगदान देता है। शादी में दिखावटी खर्च कई बार प्रतिस्पर्धा का रूप ले लेता है, ऐसे में माता-पिता को कर्ज लेकर तक शादी कार्यक्रम निबटाना पड़ता है। इससे बचने सामूहिक विवाह बेहतर है।

तोहफे में दिया गया जरूरत के सामान

इज्तेमाई निकाह करने वाले जोड़ों को जरूरत के सामान तोहफे में दिए गए। इसमें प्रमुख रुप से पलंग, आलमारी, सोफा, कूलर, कपड़े, चांदी की पायल, सोने की फुल्ली, गद्दा, स्टूल, टी-टेबल, मेकअप सेट, स्टील के बर्तन, आयरन, पेटी, कुकर, जर्मन का गंज, तवा बेलन, हाटस्पाट, कांच के समान शामिल हंै। सभी जोड़ों को एक-एक सेट सामान प्रदान किया गया। तोहफों को जैनब पैलेस के ग्राउंड में सजाकर रखा गया था, शादी की रौनक के बीच मेले जैसा माहौल नजर आया।

Posted By: Pramod Sahu

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