धमतरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

जिले में डेढ़ लाख से अधिक छोटे-बड़े किसान है। राज्य सरकार के घोषणा के बाद इन किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रति एकड़ 10 हजार रुपए मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जब योजना लांच हुई और सिर्फ समर्थन मूल्य में धान बेचने वाले किसानों के खाते में राशि जमा हुई तो सब्जी खेती लेने वाले व छोटे किसानों की उम्मीदें टूट गई। अभी नियमावली स्पष्ट नही है। स्पष्ट होने के बाद इस योजना का लाभ छोटे किसानों और सब्जी उत्पादकों को मिलेगा या नहीं, इस बात को लेकर किसान आशंकित हैं।

कृषि विभाग के अनुसार जिले में एक लाख 58 हजार 180 किसान खेती-किसानी से जुड़े हुए है। इनमें छोटे-बड़े सभी प्रकार के किसान है। कोई सब्जी खेती करता है, तो कोई धान फसल लेता है। जब राज्य सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रति एकड़ किसानों को 10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की, तो इन किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। योजना लांच होने के बाद राशि मिलने की उम्मीद लगा रखे थे, लेकिन 21 मई की सुबह जब योजना लांच हुई और योजना के तहत प्रथम किश्त की राशि जिले के समर्थन मूल्य में धान बेचने वाले एक लाख दो हजार 497 किसानों के खाते में राशि जमा हुई, जबकि जिले में सोसायटियों में पंजीयन नहीं कराने वाले 56 हजार से अधिक छोटे किसान है, जिनके पास कम जमीन है। कोई इस जमीन पर सब्जी खेती करता है, तो कोई धान फसल लेता है। पंजीयन नहीं होने के कारण वे सोसायटियों में धान नहीं बेच पाते।

नियमावली स्पष्ट नहीं

राजीव गांधी किसान न्याय योजना लांच हो गई है। किसानों के खाते में राशि भी जमा भी हो गया, लेकिन अब तक जिले के जवाबदार अधिकारियों तक योजना के नियमावली नहीं पहुंच पाई है। हालांकि राज्य सरकार इस योजना को लेकर कई बातें कह रही है। 2020 में खेती-किसानी करने वाले किसानों को भी इस योजना में जोड़ने की बात कही जा रही है। कृषि विभाग व सहकारिता विभाग के जवाबदार अधिकारियों के पास भी इस योजना के संबंध में स्पष्ट नियम नहीं है। इसलिए किसान योजना के नियमावली जानना चाहते हैं। छोटे किसान पुनारद राम साहू, मनराखन लाल, कौशल कुमार, मोहन लाल का कहना है कि इस योजना का लाभ उन्हें नहीं मिला है। क्योंकि वे छोटे किसान है। सोसायटियों में धान नहीं बेचा है। वहीं उद्यानिकी खेती जैसे सब्जी खेती लेने वाले किसान भी वंचित है। घोषणा के अनुसार राज्य सरकार को प्रति एकड़ सभी किसानों को योजना के तहत राशि दी जाए। राज्य सरकार ने असमंजस वाली घोषणा कर छोटे वर्ग के कई किसानों को मायूस कर दिया है।

नियमावली स्पष्ट नहीं

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अभी नियमावली स्पष्ट नहीं है। ऐसे में किन किसानों को और कितने एकड़ तक के किसानों को योजना का लाभ मिलेगा, यह कह पाना मुश्किल है।

- जीएस कौशल, उपसंचालक कृषि।

धान बेचने वालों को लाभ

राजीव गांधी किसान योजना के तहत नियमावली अभी स्पष्ट नहीं हैं। योजना लांच होने के बाद जिले के सिर्फ समर्थन मूल्य में धान बेचने वाले किसानों के खाते में राशि जमा की गई है। अन्य किसानों को लाभ मिलेगा या नहीं, यह कह पाना मुश्किल है।

- प्रहलाद पुरी गोस्वामी, जिला नोडल अधिकारी धमतरी।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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